मनोज ने अपने पोस्ट में लिखा- क्रिकेट को अलविदा। इस खेल ने मुझे सबकुछ दिया है। मेरा मतलब है कि हर वह चीज जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी और मैं काफी कठिनाइयों का सामना कर रहा था, तब इस खेल में मुझे ऊपर उठने का मौका दिया। मैं क्रिकेट का आभारी रहूंगा। मैं ऊपर वाले का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया।
मनोज ने लिखा- मैं इस खेल और भगवान का हमेशा आभारी रहूंगा, जो हमेशा मेरे पक्ष में रहे। इस अवसर पर मैं उन लोगों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं जिन्होंने मेरी क्रिकेट यात्रा में भूमिका निभाई है। मेरे बचपन से लेकर पिछले साल तक मेरे सभी कोचों को धन्यवाद, जिन्होंने मेरी क्रिकेट उपलब्धियों में भूमिका निभाई है। मेरे पिता तुल्य कोच मानवेंद्र घोष क्रिकेट यात्रा में स्तंभ रहे हैं। अगर वह नहीं होते तो मैं क्रिकेट जगत में कहीं नहीं पहुंच पाता। धन्यवाद सर और आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं, क्योंकि आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है। मेरे पिताजी और मां को धन्यवाद, उन्होंने कभी मुझ पर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का दबाव नहीं डाला बल्कि उन्होंने मुझे क्रिकेट में बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
मनोज ने क्रिकेट को धन्यवाद कहा
मनोज ने लिखा- मेरी पत्नी सुषमिता रॉय को बहुत-बहुत धन्यवाद, जो मेरे जीवन में आने के बाद से हमेशा मेरे साथ रही हैं। उनके निरंतर समर्थन के बिना, मैं जीवन में उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता जहां मैं आज हूं। मेरे सभी साथियों, पूर्व और वर्तमान और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन और एसोसिएशन के सभी सदस्यों को धन्यवाद, जिन्होंने मेरी यात्रा में भूमिका निभाई है।मैं उन क्रिकेट प्रशंसकों का जिक्र कैसे नहीं कर सकता, जिन्होंने मेरे उतार-चढ़ाव के दौरान मेरी लिए प्रार्थना की और मुझे आज की दुनिया में एक क्रिकेट हस्ती बनाया। मेरे दिल की गहराइयों से बहुत-बहुत धन्यवाद। बस इतना ही। यदि मुझसे कोई छूट गया हो जिसका उल्लेख मैं यहां करने से चूक गया हूं तो कृपया मेरी क्षमायाचना स्वीकार करें। धन्यवाद क्रिकेट।
मनोज ने भारत के लिए 12 वनडे में 26.09 की औसत से 287 रन बनाए। इनमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने तीन टी20 भी खेले, जिसमें 15 रन बनाए। मनोज के नाम वनडे में पांच विकेट भी हैं। घरेलू क्रिकेट में मनोज बंगाल के लिए खेल रहे थे और इस साल रणजी ट्रॉफी में टीम की कप्तानी की थी।
मनोज के नेतृत्व में बंगाल की टीम रणजी ट्रॉफी 2023 के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि, फाइनल में सौराष्ट्र के खिलाफ बंगाल की टीम को हार का सामना करना पड़ा था। मनोज ने 141 फर्स्ट क्लास मैचों में 48.56 की औसत से 9908 रन बनाए। इनमें 29 शतक और 45 अर्धशतक शामिल है।
वहीं, 169 लिस्ट-ए मैचों में मनोज के नाम 42.28 की औसत से 5581 रन हैं। इनमें छह शतक और 40 अर्धशतक हैं। वह आईपीएल में 96 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 29.07 की औसत और 117.41 के स्ट्राइक रेट से 1686 रन बनाए। इनमें सात अर्धशतक शामिल हैं।