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यूपी ने ठुकराया बंगाल ने गले लगाया, अब है भारत का लीडिंग गेंदबाज

Sat, 03 Sep 2016 11:09 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोहम्मद शमी - फोटो : getty
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हर किसी के जहन में एक सवाल उठता है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहम्मद शमी पश्चिम बंगाल के लिए रणजी में क्यों खेलते हैं जबकि उनकी परवरिश यूपी में ही हुई। इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है। 
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मोहम्मद शमी का जन्म 3 सितंबर 1990 को उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले के साहसपुर गांव में हुआ। उनके पिता तौसिफ अली पेशे से किसान हैं लेकिन अपनी युवावस्था में वो भी एक तेज गेंदबाज थे।

साल 2005 में उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम शामिल नहीं किए जाने पर शमी के कोच बदरुद्दीन ने उन्हें कोलकाता भेजा जहां शमी पहले डलहौजी एथलेटिक क्लब और उसके बाद टाउन क्लब के लिए खेलने लगे।
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बंगाल की अंडर-22 टीम में शामिल होने के बाद शमी ने मोहन बगान क्लब ज्वाइन किया इस दौरान वह पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के संपर्क में आए, गांगुली उनकी गेंदबाजी से प्रभावित हुए। इसके बाद 2010 में शमी को बंगाल की रणजी टीम में शामिल कर लिया गया। 






 

असम के खिलाफ किया रणजी करियर का आगाज

मोहम्मद शमी - फोटो : getty
मोहम्मद शमी ने अपने रणजी करियर की शुरुआत असम के खिलाफ की। अपने पदार्पण मैच में शमी ने 3 विकेट लिए। साल 2012-13 का रणजी सीजन शमी के लिए काफी अच्छा रहा, इस सीजन शमी ने हैदराबाद के खिलाफ खेले गए मैच में 10 विकेट हासिल किए, इसके बाद इसी सीजन के एक अन्य मैच में मध्य प्रदेश के खिलाफ 11 विकेट झटके, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल थी। 

इसके बाद शमी को चयनकर्ता नजरअंदाज नहीं कर सके और फिर उन्हें टीम इंडिया से बुलावा आया और देश के लिए खेलने का मौका मिल गया। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ शमी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया।

लो स्कोरिंग वाले इस मैच में शमी ने 9 ओवर गेंदबाजी की जिसमें 4 ओवर मेडन रहे। वह इस मैच में 23 रन देकर महज एक विकेट ही हासिल कर पाए। लेकिन उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने भारत को 10 रन से रोमांचक जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की। अपने इस प्रदर्शन से शमी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे।
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तेंदुलकर के आखिरी टेस्ट सीरीज थी शमी की पहली टेस्ट सीरीज

मोहम्मद शमी - फोटो : getty
सचिन तेंदुलकर के करियर की आखिरी टेस्ट सीरीज में शमी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में अपने टेस्ट करियर का आगाज किया। इस मैच में शमी ने पहली पारी में 71/4 और दूसरी पारी में 47/5 सहित कुल 9 विकेट हासिल किए। टीम इंडिया ने इस मैच में जीत हासिल की। 

आज शमी भारत के पहली पंक्ति के तेज गेंदबाजों में से एक हैं। हालांकि उनका करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है लेकिन अपने प्रदर्शन के बल पर वह हर बार टीम में वापसी करने में सफल रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए वेस्टइंडीज दौरे में वह सबसे तेज 50 टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीय पेसर बने। उन्होंने यह उपलब्धि 12 टेस्ट मैचों में हासिल की। 

अंतरराष्ट्रीय करियर में 27 वर्षीय शमी अब तक 16 टेस्ट, 47 वनडे और 6 टी-20 मैच खेल चुके हैं और क्रमशः 58, 87 और 8 विकेट चटका चुके हैं। हालिया वेस्टइंडीज दौरे में भी उन्होंने 4 टेस्ट मैचों में 11 विकेट हासिल कर अपनी फिटनेस साबित कर दी क्योंकि वह लंबे समय से चोटिल थे और मैदान से दूर थे।  
 
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