राशिद खान ने जताया गहरा दुख
अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने लिखा, 'काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के कारण आम नागरिकों की मौत की खबरों से मैं बेहद दुखी हूं। नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या चिकित्सा ढांचे को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, युद्ध अपराध है।'
राशिद ने आगे कहा, 'मानव जीवन के प्रति इस तरह की बेरुखी, खासकर रमजान के पवित्र महीने में, बेहद चिंताजनक और घृणित है। इससे केवल नफरत और विभाजन बढ़ेगा। मैं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस घटना की पूरी जांच की मांग करता हूं और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की अपील करता हूं। मैं इस कठिन समय में अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूं। हम फिर से संभलेंगे और एक राष्ट्र के रूप में उठ खड़े होंगे। इंशाअल्लाह।'
मोहम्मद नबी ने भी उठाई आवाज
अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह हमला उन लोगों पर हुआ जो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। नबी ने लिखा, 'रात में काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद बुझ गई। इलाज के लिए आए युवाओं को पाकिस्तानी सैन्य शासन की बमबारी में मार दिया गया। अस्पताल के बाहर माताएं अपने बेटों का नाम पुकारती रहीं। रमजान की 28वीं रात उनकी जिंदगी छिन गई।' उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी और कई लोगों ने इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर किया।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
इस घटना के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जहां एक ओर अफगान सरकार और वहां के नागरिक इस हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ थी। खेल जगत से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अफगान क्रिकेटरों की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को वैश्विक स्तर पर और अधिक चर्चा में ला दिया है।