अगर मैच धुल गया तो क्या होगा?
सबसे अहम बात, ग्रुप स्टेज मैचों के लिए कोई रिजर्व डे नहीं है। यानी-
- दोनों टीमों को एक-एक अंक मिल जाएगा।
- नेट रन रेट पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि मैच हुआ ही नहीं।
- आगे की क्वालिफिकेशन की तस्वीर दूसरी टीमों के नतीजों पर ज्यादा निर्भर हो जाएगी।
- यह नतीजा उन फैंस के लिए सबसे निराशाजनक होगा जो महीनों से इस महामुकाबले का इंतजार कर रहे हैं।
किसे होगा सबसे बड़ा नुकसान?
बारिश सिर्फ खेल नहीं बिगाड़ती, पूरी गणित भी हिला देती है। और वह भी तब, जब इस मैच को कराने के लिए कितने बवाल हुए हैं। पहले बांग्लादेश का नाटक, फिर पाकिस्तान के बहिष्कार का एलान। फिर आईसीसी और पीसीबी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर। फिर आईसीसी अधिकारियों का पाकिस्तान जाकर बातचीत करना। ऐसे में मैच अगर बारिश से धुल जाए तो यह गंभीर नुकसान होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने शेड्यूल और लॉजिस्टिक्स में काफी मेहनत की ताकि मैच बिना रुकावट हो सके। बोर्ड्स के बीच सहमति बनाने से लेकर आयोजन तक, सब कुछ तय हुआ, लेकिन आखिर में फैसला मौसम के हाथ में भी होता है। अगर बारिश खलल डालता है तो-
- ब्रॉडकास्टर: भारत-पाकिस्तान मैच टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड दर्शक जुटाता है। मैच नहीं हुआ तो विज्ञापन से होने वाली कमाई पर सीधा वार।
- क्रिकेट बोर्ड: टिकट रिफंड की नौबत आ सकती है, जिससे मेजबान बोर्ड को गेट मनी का नुकसान।
- फैंस: स्टेडियम तक पहुंचने, ठहरने और तैयारी में लगा पैसा और उत्साह, दोनों पर पानी फिर सकता है।
फैंस की भावना
भारत-पाकिस्तान मैच का मतलब होता है भरा स्टेडियम, टीवी के सामने जमी भीड़, और हर गेंद पर उठती चीख। वॉशआउट उस त्योहार को अधूरा छोड़ देता है।