टी20 विश्व कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर ग्रुप चरण में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। कोलंबो के प्रेमदासा में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए। पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करते हुए 114 रन पर सिमट गया। भारत की जीत में ईशान किशन की 77 रन की पारी निर्णायक रही। अब पाकिस्तान के जख्मों पर भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने नमक छिड़का है। उन्होंने कहा है कि 175 रन पाकिस्तान को दूसरी बार खिलाने के लिए काफी थे। भारत से हार के बाद पड़ोसी देश का लगातार मजाक बन रहा है।
अश्विन का फॉलो-ऑन वाला बयान
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान की हार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, '175 इस पिच पर 250 के बराबर है। 175 कम स्कोर नहीं है। इस पिच पर तो फॉलो-ऑन भी लागू किया जा सकता है। चार दिन के मैच में 150 रन और पांच दिन के मैच में 200 रन की बढ़त पर फॉलो-ऑन होता है। टी20 में यह स्कोर पूरी तरह पर्याप्त था। अगर भारत 20 रन और बना लेता, तो हम फॉलो-ऑन करा सकते थे।' अश्विन का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा।
टॉस बना मैच का टर्निंग प्वाइंट
अश्विन ने टॉस को भी मैच का निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, वहीं से मैच हाथ से निकल गया। इस विश्व कप में 10 ओवर में 100 रन का पीछा करना आसान नहीं है। प्रेमदासा स्टेडियम में लक्ष्य का पीछा करना बेहद मुश्किल है।' उन्होंने आगे कहा, 'दबाव झेलने के मामले में भारत पाकिस्तान से 100 गुना बेहतर है। पाकिस्तान अभी उस स्तर पर नहीं है।'
शाहीन की गेंदबाजी पर सवाल
अश्विन ने कप्तान सलमान आगा और कोच माइक हेसन की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने खासतौर पर शाहीन अफरीदी को पावरप्ले में जल्दी लाने के फैसले को गलती बताया। अश्विन ने कहा, 'हमने पहले ही बताया था कि ईशान किशन बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ खतरनाक हैं। आंकड़े सच बताते हैं। अगर शाहीन मार खा रहे थे, तो उन्हें एंगल बदलकर राउंड द विकेट आना चाहिए था। ऐसा नहीं हुआ। दूसरे ओवर में सैम अयूब को गेंदबाजी करनी चाहिए थी।'
पाकिस्तान की रणनीति पर तीखा विश्लेषण
अश्विन ने माना कि सलमान आगा और माइक हेसन के नेतृत्व में पाकिस्तान सामरिक रूप से बेहतर हुआ है, लेकिन भारत के खिलाफ फैसलों में चूक भारी पड़ी। उनके मुताबिक, मैच-अप और आंकड़ों को सही तरीके से लागू न करना हार की बड़ी वजह बना।