मैच में क्या हुआ?
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने आठ विकेट पर 325 रन बनाए। उसके लिए कामिंदु मेंडिस ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 128 गेंदों में 131 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और दो छक्के शामिल थे। उनके अलावा पवन रत्नायके ने 65 गेंदों में 77 रन की पारी खेली। अविष्का फर्नांडो ने 49 गेंदों में 38 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से शाहीन अफरीदी, नसीम शाह, सलमान आगा और हारिस रऊफ ने दो-दो विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दिलशान मदुशंका ने माज सदाकत (5) और बाबर आजम (0) को जल्दी पवेलियन भेज दिया। इसके बाद फखर जमां ने पारी को संभाला। उन्होंने साद बैग के साथ चौथे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की। फखर ने 99 गेंदों में 127 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और छह छक्के शामिल थे।साद बैग ने भी 75 गेंदों में 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। फखर के आउट होने के बाद अराफात मिन्हास ने मोर्चा संभाला। उन्होंने केवल 31 गेंदों में 61 रन ठोक दिए। उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। हसन नवाज ने 45 गेंदों में नाबाद 37 रन बनाए, जबकि कप्तान शाहीन अफरीदी छह रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 48.3 ओवर में सात विकेट पर 331 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया।
फखर जमां को शानदार शतक के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि अराफात मिन्हास प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। उन्होंने टूर्नामेंट में 88 रन बनाने के साथ नौ विकेट भी लिए। इस मुकाबले में कई बड़े रिकॉर्ड बने। आइए जानते हैं फाइनल में बने 10 खास रिकॉर्ड...
फखर जमां
- फोटो : IANS
फाइनल में बने 10 बड़े रिकॉर्ड
1. वनडे फाइनल में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने के रिकॉर्ड की बराबरी
326 रन: पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ 326 रन का लक्ष्य हासिल करके वनडे फाइनल में सबसे बड़े सफल रन चेज के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले भारत ने 2002 में लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 326 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उस मुकाबले में भारत ने 49.3 ओवर में आठ विकेट पर 326 रन बनाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
पाकिस्तान की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि यह पुरुष वनडे क्रिकेट के किसी नॉकआउट मुकाबले में भी संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रन चेज है। भारत ने भी 2002 में इसी लक्ष्य का पीछा करके जीत हासिल की थी। यानी 24 साल बाद पाकिस्तान ने इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की।
2. श्रीलंका के खिलाफ दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज
पाकिस्तान का 326 रन का सफल रन चेज श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में किसी भी टीम का दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड है। इस सूची में पहले स्थान पर भी पाकिस्तान ही है। उसने 2023 वनडे विश्व कप में हैदराबाद में श्रीलंका के खिलाफ 345 रन का लक्ष्य हासिल किया था। इस तरह श्रीलंका के खिलाफ वनडे इतिहास के दो सबसे बड़े सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम हैं। दिलचस्प बात यह है कि दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान ने 300 से अधिक रन के लक्ष्य को हासिल किया।
फखर जमां
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3. वनडे फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनने का रिकॉर्ड
656 रन: लाहौर में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेले गए फाइनल में कुल 656 रन बने। यह वनडे फाइनल के इतिहास में किसी मुकाबले का सबसे बड़ा रन एग्रीगेट है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत और इंग्लैंड के नाम था। दोनों टीमों ने 2002 के नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में मिलकर 651 रन बनाए थे। उस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 325 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारत ने लक्ष्य हासिल कर लिया था। पाकिस्तान और श्रीलंका ने इस बार उस रिकॉर्ड को पांच रन से पीछे छोड़ दिया। 656 रन का यह आंकड़ा पुरुष वनडे क्रिकेट के नॉकआउट मुकाबलों में तीसरा सबसे बड़ा कुल स्कोर भी है। इससे फाइनल में दोनों टीमों की बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
4. 2017 के बाद पहली बार बहुराष्ट्रीय वनडे सीरीज का खिताब जीता
पाकिस्तान ने इस जीत के साथ 2017 के बाद पहली बार बहुराष्ट्रीय वनडे सीरीज का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। उस टूर्नामेंट के बाद टीम दो वनडे विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी में खेली, लेकिन किसी में भी सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी।
इसके अलावा वनडे प्रारूप में खेले गए दोनों एशिया कप में भी पाकिस्तान फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था। वहीं, 2025 में घरेलू त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस बार श्रीलंका को हराकर पाकिस्तान ने खिताबी सूखे को खत्म किया। खास बात यह भी रही कि पाकिस्तान ने अपने घर में पहली बार किसी वनडे फाइनल में जीत दर्ज की। इससे पहले घरेलू मैदान पर खेले गए तीन वनडे फाइनल में उसे हार मिली थी।
फखर जमां
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5. फखर जमां ने वनडे फाइनल में दूसरा शतक लगाया
2 शतक: फखर जमां ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 127 रन की शानदार पारी खेली। यह वनडे फाइनल में उनका दूसरा शतक था। इससे पहले उन्होंने 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ शतक लगाया था। उस मुकाबले में फखर ने 114 रन बनाए थे और पाकिस्तान ने भारत को हराकर खिताब जीता था। इसके साथ ही फखर वनडे फाइनल में दो शतक लगाने वाले पाकिस्तान के दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले सईद अनवर यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। सईद अनवर के नाम भी वनडे फाइनल में दो शतक दर्ज हैं। फखर ने एक बार फिर बड़े मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। उनकी पारी ने पाकिस्तान की जीत की नींव रखी।
6. 300 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा शतक
फखर जमां ने वनडे क्रिकेट में 300 या इससे अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपना चौथा शतक लगाया। वह पाकिस्तान के लिए इस मामले में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बाबर आजम और यूनिस खान को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 300 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन-तीन शतक हैं। फखर की यह उपलब्धि उनके आक्रामक अंदाज और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की क्षमता को दर्शाती है। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भी उन्होंने शुरुआत से ही रन गति बनाए रखी और 99 गेंदों में 127 रन ठोक दिए।
अराफात मिन्हास
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7. अराफात मिन्हास ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दिखाई क्षमता
अराफात मिन्हास ने अपने आठ मैचों के वनडे करियर में दूसरी बार 50 से अधिक रन की पारी खेली। उनके नाम अब दो बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है। वह शुरुआती 10 वनडे मैचों में दो या इससे अधिक अर्धशतक और दो या इससे अधिक बार पांच विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की खास सूची में शामिल हो गए हैं। नामीबिया के जेजे स्मिट ही इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। फाइनल में अराफात ने 31 गेंदों में 61 रन बनाए। उन्होंने तीन चौके और चार छक्के लगाए। इससे पहले गेंदबाजी में भी वह टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहे। हालांकि फाइनल में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में नौ विकेट लेकर वह प्लेयर ऑफ द सीरीज बने।
8. फखर जमां ने 96 पारियों में पूरे किए चार हजार वनडे रन
फखर जमां ने वनडे क्रिकेट में 4000 रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 96 पारियों में हासिल की। पाकिस्तान के बल्लेबाजों में वह इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज खिलाड़ी हैं। इस सूची में पहले स्थान पर बाबर आजम हैं, जिन्होंने केवल 82 पारियों में चार हजार वनडे रन पूरे किए थे। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 127 रन की पारी खेलकर फखर ने इस उपलब्धि को हासिल किया। वह पाकिस्तान के लिए वनडे में लगातार महत्वपूर्ण पारियां खेलते रहे हैं और बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी बल्लेबाजी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई है।
फखर जमां
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9. पाकिस्तान का वनडे नॉकआउट में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर
331/7: पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में सात विकेट पर 331 रन बनाए। यह वनडे नॉकआउट मुकाबलों में पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस सूची में पहले स्थान पर 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ बनाया गया 338 रन का स्कोर है। उस मुकाबले में पाकिस्तान ने चार विकेट पर 338 रन बनाए थे और भारत को हराकर खिताब जीता था। दूसरी ओर, श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 325 रन बनाए। यह वनडे नॉकआउट मुकाबलों में श्रीलंका का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले उसने 1997 इंडिपेंडेंस कप के पहले फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट पर 339 रन बनाए थे। इस तरह लाहौर में दोनों टीमों ने अपने-अपने वनडे नॉकआउट रिकॉर्ड में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर दर्ज किया।
10. कामिंदु मेंडिस का शतक, श्रीलंका के लिए वनडे फाइनल का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर
131 रन: श्रीलंका के कामिंदु मेंडिस ने फाइनल में 128 गेंदों में 131 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 12 चौके और दो छक्के शामिल थे। यह वनडे फाइनल में श्रीलंका के किसी बल्लेबाज का तीसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इस सूची में पहले स्थान पर सनथ जयसूर्या हैं, जिन्होंने 2000 कोका-कोला चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ 189 रन बनाए थे। वहीं, दूसरे स्थान पर मार्वन अटापट्टू हैं, जिन्होंने 1998 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में नाबाद 132 रन बनाए थे।
कामिंदु का 131 रन का स्कोर पाकिस्तान के खिलाफ वनडे फाइनल में किसी बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है। इस मामले में उनसे आगे वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा हैं, जिन्होंने 1993 पेप्सी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में शारजाह में पाकिस्तान के खिलाफ 153 रन बनाए थे। कामिंदु ने अपनी पारी से श्रीलंका को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन उनकी मेहनत टीम को खिताब नहीं दिला सकी।