भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 17 फरवरी को कल्याणी के बंगाल क्रिकेट एकेडमी मैदान में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ खेलते हुए शमी ने जम्मू-कश्मी की पहली पारी के दौरान आठ विकेट झटककर सुर्खियां बटोरीं। हालांकि, बंगाल की स्थिति खराब है जम्मू-कश्मीर को दूसरी पारी में जीतने के लिए 126 रन बनाने हैं।
सेमीफाइनल में घातक स्पेल
बंगाल क्रिकेट ग्राउंड पर शमी ने रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और अनुभव का बेहतरीन नमूना पेश किया। पहली पारी के 59वें ओवर में उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज कनहैया वधावन को कैच आउट कर अपना पांचवां विकेट पूरा किया। इसके बाद उनका जोशीला जश्न साफ दिखा कि वह किस आत्मविश्वास में गेंदबाजी कर रहे हैं। मैच में कुल आठ विकेट लेकर शमी ने साबित किया कि घरेलू क्रिकेट में उनका फॉर्म लगातार निखर रहा है।
पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन
35 वर्षीय शमी इस रणजी सीजन में अब तक सात मैचों में 38 विकेट ले चुके हैं, जिसमें तीन बार पांच विकेट हॉल शामिल है। पिछले महीने सर्विसेज के खिलाफ भी उन्होंने 5/51 का बेहतरीन प्रदर्शन किया था। सिर्फ लाल गेंद ही नहीं, बल्कि विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने सात मैचों में 15 विकेट लिए और 6.09 की इकॉनमी से गेंदबाजी की।
क्या होगी टीम इंडिया में वापसी?
शानदार प्रदर्शन के बावजूद शमी हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज और 2026 टी20 विश्व कप की टीम में जगह नहीं बना सके। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से वह भारतीय टीम से बाहर हैं और बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी खो चुके हैं। हालांकि, मौजूदा फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब 2026 में भारत के सामने बड़े टेस्ट मुकाबले हैं।
आगे की राह
रणजी ट्रॉफी के बाद शमी आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जाएंट्स की ओर से खेलते नजर आएंगे, लेकिन जिस लय में वह हैं, उससे साफ है कि उनका लक्ष्य सिर्फ फ्रेंचाइजी क्रिकेट नहीं, बल्कि टीम इंडिया में जोरदार वापसी है।
बंगाल-जम्मू-कश्मीर मैच में क्या हुआ?
मैच की बात करें तो बंगाल ने अपनी पहली पारी में 328 रन बनाए थे। जवाब में जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर समाप्त हुई थी और बंगाल को दूसरी पारी में 26 रन की बढ़त हासिल थी। इसके बाद बंगाल री दूसरी पारी महज 99 रन पर सिमट गई और उनकी कुल बढ़त 125 रन की हुई। इस तरह जम्मू कश्मीर को 126 रन का लक्ष्य मिला।