ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक टेलर ने एक वाकये का उदाहरण दिया, जिसमें वह कोहली का साक्षात्कार लेना चाहते थे। इसमें उनका व्यवहार काफी शिष्ट रहा था। क्रिकेटर से कमेंटेटर बने टेलर ने कहा कि चार साल पहले जब मैं चैनल नाइन के साथ था तो मैं विराट कोहली का साक्षात्कार कर रहा था, तब मुझे उनके व्यक्तित्व के बारे में जानने का मौका मिला।
उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था, लेकिन जिस तरीके से उन्होंने खुद को पेश किया, वह शानदार था। हम टेस्ट से एक दिन पहले एडिलेड ओवल में स्टूडियो में शूटिंग कर रहे थे, तब रिहर्सल के लिए लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान तेज आवाज में शुरू हुआ और हमें ब्रेक लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। कुछ मिनट बाद राष्ट्रगान खत्म हुआ तो भारत के मीडिया मैनेजर ने मुझे कहा कि आधे घंटे का समय खत्म हो गया है और कोहली को उठने का इशारा किया।
कोहली ने ऐसा करने के बजाय मुझसे पूछा कि क्या मुझे और समय चाहिए। मैंने उनसे कहा कि मैं उनसे और सवाल पूछना चाहता हूं। तो उन्होंने कहा कि चलो, हम बैठते हैं और इसे पूरा करते हैं। मैंने सोचा कि यह शानदार था। लेकिन 107 टेस्ट में 7525 रन बनाने वाले टेलर ने कहा कि कोहली मैदान पर थोड़ा अलग थे।
उन्होंने कहा, 'वह शानदार बल्लेबाज हैं लेकिन काफी आक्रामक हैं। मुझे हैरानी नहीं होगी, अगर ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को उनका दूसरा रूप देखने को मिलेगा जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वह टीम की कप्तानी आमतौर पर अच्छी तरह करते हैं, लेकिन कभी कभार वह जैसा व्यवहार करते हैं, वो उनके और उनकी टीम के लिए अच्छा नहीं है।'