पावरप्ले में ही हार की नींव पड़ गई
वेणुगोपाल राव ने साफ कहा कि मैच की दिशा पहले छह ओवर में ही तय हो गई थी। दिल्ली की टीम पावरप्ले में सिर्फ 59 रन ही बना सकी, जो इतने बड़े लक्ष्य के हिसाब से काफी कम था। उन्होंने कहा, 'जब आप 240 से ज्यादा का लक्ष्य चेज कर रहे होते हैं, तो पहले छह ओवर में मजबूत शुरुआत बेहद जरूरी होती है। मुझे लगता है कि हम उस दौरान 15 से 20 रन पीछे रह गए। ऐसे टोटल का पीछा करने के लिए आपको पावरप्ले के अंत तक 80 या 90 रन के करीब होना चाहिए। हमारी बल्लेबाजी की गहराई को देखते हुए हम वहां से मैच जीत सकते थे, लेकिन 59 रन काफी नहीं थे। हमने एक बड़ा मौका गंवा दिया।'
राहुल और नीतीश की साझेदारी पर सवाल
ओपनिंग में केएल राहुल से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 23 गेंदों में 37 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं नीतीश राणा ने 57 रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी शुरुआत धीमी रही। राव ने राहुल के स्ट्राइक न मिलने को भी बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, 'यह भी मददगार नहीं रहा कि पाथुम निसांका के आउट होने के बाद केएल राहुल को ज्यादा स्ट्राइक नहीं मिली। अगर आप शुरुआती ओवर देखें, तो उन्होंने बहुत कम गेंदें खेलीं। एक बल्लेबाज के तौर पर आपको असर डालने के लिए ज्यादा गेंदें खेलनी जरूरी होती हैं। उन्होंने एक छक्का और एक चौका लगाया, लेकिन नrतीश राणा ने ज्यादा गेंदें खेलीं, जिससे राहुल लय नहीं पकड़ पाए। मुझे लगता है कि वहीं से मैच का मोमेंटम हैदराबाद की तरफ चला गया।'
फील्डिंग की गलतियों ने बढ़ाया नुकसान
दिल्ली की हार में सबसे बड़ा मोड़ फील्डिंग की गलतियां रहीं। अभिषेक शर्मा को दो बड़े जीवनदान मिले, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया और 135 रन की शानदार पारी खेली। वेणुगोपाल राव ने कहा, 'जब अभिषेक जैसे खिलाड़ी आपको मौका देते हैं, तो आपको उसे पकड़ना होता है। उन्होंने हमें मौके दिए और हमने गंवा दिए। 50 के बाद उन्होंने रनआउट का मौका दिया और फिर 86 पर उनका कैच भी छूट गया। हमने इन गलतियों की कीमत चुकाई।'
अक्षर ने भी सीनियर खिलाड़ियों को घेरा
कप्तान अक्षर पटेल ने भी इसी बात को दोहराया और दिल्ली के सीनियर खिलाड़ियों नीतीश और राहुल पर निशाना साधा। अक्षर ने कहा, 'रनआउट का मौका मिस हुआ और कैच भी छूटा, इसका हमें भारी नुकसान हुआ। अगर हम ये मौके ले लेते तो वह इतनी बड़ी पारी नहीं खेल पाते। लेकिन क्रेडिट उन्हें जाता है कि उन्होंने इन मौकों का फायदा उठाया। फील्डिंग हमारे हाथ में होती है और हमें इसे बेहतर करना चाहिए था।'
अभिषेक को मिले दो जीवनदान
दरअसल, सनराइजर्स की पारी के दौरान, जब अभिषेक 49 रन पर थे, तो उन्होंने नौवें ओवर की पहली गेंद पर दो रन दौड़ने की कोशिश की। दूसरे रन के वक्त गेंद राहुल के दस्ताने में आ गई थी, लेकिन वह फम्बल कर गए और गेंद छिटक गई और रन आउट का आसान मौका चूक गया। रीप्ले में दिखा था कि अगर राहुल ठीक से गेंद को कलेक्ट कर लेते और विकेट पर मार देते, तो अभिषेक फ्रेम में भी नहीं थे और वह रन आउट हो जाते। इसके बाद पारी के 14वें ओवर में नीतीश ने अभिषेक का आसान कैच छोड़ा था। गेंद नीतीश के हाथों में आ गई थी, लेकिन फिर उनके हाथ से टकराकर नीचे गिर गई। इस तरह अभिषेक को दो जीवनदान मिले।
टीम कॉम्बिनेशन पर कप्तान का बड़ा बयान
हार के बाद टीम चयन पर सवाल उठे, लेकिन अक्षर पटेल ने साफ कर दिया कि टीम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम किसी बदलाव के बारे में नहीं सोच रहे हैं। जब विकेट इतना आसान होता है, तो इसे एक खराब दिन मानकर आगे बढ़ना चाहिए।'
गेंदबाजी फैसलों पर भी उठे सवाल
नीतीश राणा से चार ओवर गेंदबाजी कराना और कुलदीप यादव को सिर्फ दो ओवर देना भी चर्चा में रहा। हालांकि राव ने कप्तान के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'आखिरकार यह मैदान पर कप्तान का फैसला होता है। बाद में अंगुली उठाना आसान होता है कि नीतीश ने चार ओवर क्यों डाले। टी20 में अगर दांव चल जाए तो उसे शानदार फैसला कहा जाता है। ये चीजें खेल का हिस्सा हैं।'
छोटी गलतियां बनी बड़ी हार की वजह
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि कई सीख लेकर आई है। खराब पावरप्ले, बल्लेबाजों की लय की कमी और फील्डिंग की चूक ने मिलकर टीम को मैच से बाहर कर दिया। अगर दिल्ली को आगे प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो इन गलतियों को जल्द सुधारना होगा।