1. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)
आरसीबी इस समय 11 मैचों में 14 अंकों के साथ नंबर-एक पर है। टीम का नेट रन रेट +1.103 है, जो बाकी दावेदारों से काफी बेहतर है। रजत पाटीदार की कप्तानी में टीम संतुलित नजर आ रही है। बल्लेबाजी में गहराई है और गेंदबाजी भी असरदार रही है।
क्या चाहिए?
- एक और जीत उन्हें लगभग सुरक्षित कर देगी।
- 16 अंक आमतौर पर प्लेऑफ के लिए पर्याप्त माने जाते हैं।
- अगर बचे हुए मैच जीतती है, तो टॉप-2 में रहकर क्वालिफायर-1 खेलेगी।
- टॉप-2 में रहने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलते हैं।
2. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH)
सनराइजर्स हैदराबाद भी 14 अंकों पर है, लेकिन नेट रन रेट +0.737 होने के कारण दूसरे स्थान पर है। टीम पूरे सीजन शानदार लय में रही है और बल्लेबाजी बेहद खतरनाक नजर आई है।
क्या चाहिए?
- आखिरी तीन मैचों में दो जीत।
- ऐसा करते ही टीम 18 अंकों तक पहुंच सकती है।
- 22 मई को आरसीबी के खिलाफ मैच तय कर सकता है कि कौन टॉप-2 में रहेगा।
3. गुजरात टाइटंस (GT)
गुजरात भी 14 अंकों पर है, लेकिन नेट रन रेट +0.228 है। यही वजह है कि उन्हें बाकी टीमों से ज्यादा सावधान रहना होगा।
क्या चाहिए?
- कम से कम दो जीत।
- 16 या उससे ज्यादा अंक जरूरी।
- 12 मई को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला उनके लिए करो या मरो जैसा हो सकता है।
4. पंजाब किंग्स (PBKS)
पंजाब किंग्स ने अब तक केवल 10 मैच खेले हैं और 13 अंक हैं। यानी बाकी टीमों से एक मैच ज्यादा बचा है।
क्या चाहिए?
- अंतिम चार मैचों में दो जीत।
- ऐसा होते ही 17 अंक पहुंच जाएंगे।
- इतिहास बताता है कि 17 अंक वाली टीम लगभग हमेशा क्वालिफाई करती है।
- मैच ज्यादा बचे हैं, इसलिए पंजाब के पास सबसे ज्यादा कंट्रोल है।
5. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)
पांच बार की चैंपियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स 12 अंकों पर है। नेट रन रेट +0.185 है, जो बहुत सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
क्या चाहिए?
- आखिरी तीन मैचों में कम से कम दो जीत।
- 16 अंक तक पहुंचना जरूरी।
- अगर कई टीमें 16 अंक पर पहुंचती हैं, तो नेट रन रेट का मामला आ सकता है।
- चेन्नई चाहेगी कि सभी तीनों मैच जीते। 18 अंक पर होना यानी लगभग क्वालिफाई करना है।
6. राजस्थान रॉयल्स (RR)
राजस्थान भी 12 अंकों पर है, लेकिन नेट रन रेट +0.082 है, जो चेन्नई से भी नीचे है। टीम पिछले चार मैचों में तीन हार झेल चुकी है, जिससे दबाव बढ़ गया है।
क्या चाहिए?
- कम से कम दो जीत।
- बेहतर होगा कि बड़े अंतर से जीतें ताकि नेट रन रेट सुधरे।
- राजस्थान और चेन्नई के बीच चौथे स्थान के लिए सीधी टक्कर दिख रही है।
7. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)
केकेआर के लिए रास्ता सबसे कठिन टीमों में से एक है।
क्या चाहिए?
- बचे हुए सभी चार मैच जीतने होंगे।
- तब जाकर 17 अंक तक पहुंचेंगे।
- अगर एक भी मैच भी हारे, तो दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर होना पड़ेगा।
8. दिल्ली कैपिटल्स (DC)
दिल्ली कैपिटल्स कैलकुलेशंस के हिसाब से अभी जिंदा है, लेकिन सामान्य रूप से स्थिति बेहद खराब है। टीम का नेट रन रेट -1.154 है, जो लीग में सबसे खराब है।
क्या चाहिए?
- सभी बचे मैच जीतने होंगे।
- बड़े अंतर से जीतना होगा।
- बाकी टीमों के लगातार हारने की दुआ भी करनी होगी।
- दिल्ली का रास्ता अब लगभग बंद माना जा सकता है। टीम के कप्तान अक्षर ये खुद स्वीकार कर चुके हैं।
आगे क्या देखने लायक है?
आने वाले कुछ मुकाबले पूरे सीजन की दिशा तय करेंगे:
- सनराइजर्स हैदराबाद vs गुजरात टाइटंस
- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs सनराइजर्स हैदराबाद
- चेन्नई सुपर किंग्स vs राजस्थान रॉयल्स
- पंजाब के लगातार सभी मुकाबले
- हर मैच के बाद अंक तालिका बदल सकती है।
कुल मिलाकर आईपीएल 2026 का प्लेऑफ रेस अब बेहद रोमांचक हो चुकी है। दो बड़ी टीमें बाहर हो चुकी हैं, लेकिन आठ टीमों की उम्मीदें अभी बाकी हैं। कुछ के लिए सिर्फ जीत काफी है, कुछ को किस्मत भी चाहिए। अब हर गेंद, हर रन और हर जीत टॉप-4 की तस्वीर तय करेगी।