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IPL ऑक्शन 2022: 2000 करोड़ रुपये के बेस प्राइस वाली दो टीमों के लिए इन पांच शहरों पर दांव, लखनऊ भी रेस में शामिल

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 15 Sep 2021 11:55 AM IST

सार

यह पहली बार नहीं है जब आईपीएल के एक सीजन में दस टीमें खेलेंगी। इससे पहले 2011 में भी दस टीमें खेल चुकी हैं। उस वक्त पुणे वॉरियर्स और कोच्चि टस्कर्स हिस्सा लेने वाली 2 नई टीमें थीं। 
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दो नई टीमों की नीलामी से BCCI को 5 से 6 हजार करोड़ रुपए की आमदनी हो सकती है। - फोटो : सोशल मीडिया
आईपीएल के अगले सीजन से क्रिकेट के प्रशंसकों को आठ की जगह दस टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी। इन नई टीमों की नीलामी 17 अक्तूबर को हो सकती है। जबकि टेंडर खरीदने के लिए आखिरी तारीख पांच अक्तूबर तय की गई है। नीलामी से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए 21 सितंबर की समयसीमा निर्धारित की गई है। टीमों का बेस प्राइस 2000 करोड़ रुपये होगा और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नीलामी से 5000 से लेकर 6000 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब आईपीएल के एक सीजन में दस टीमें खेलेंगी। इससे पहले 2011 में भी दस टीमें खेल चुकी हैं। उस वक्त पुणे वॉरियर्स और कोच्चि टस्कर्स हिस्सा लेने वाली दो नई टीमें थीं। 2012 में कोच्चि को बैन कर दिया गया था। अगले दो सीजन यानी 2012 और 2013 में नौ टीमों ने हिस्सा लिया था। 2014 में लीग एक बार फिर से आठ टीमों के टूर्नामेंट पर लौट आई थी। 


हम आपको पांच शहरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी नीलामी पर सबसे ज्यादा बोली लग सकती है... 
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दो नई टीमों की नीलामी से BCCI को 5 से 6 हजार करोड़ रुपए की आमदनी हो सकती है। - फोटो : सोशल मीडिया
आईपीएल के अगले सीजन से क्रिकेट के प्रशंसकों को आठ की जगह दस टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी। इन नई टीमों की नीलामी 17 अक्तूबर को हो सकती है। जबकि टेंडर खरीदने के लिए आखिरी तारीख पांच अक्तूबर तय की गई है। नीलामी से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए 21 सितंबर की समयसीमा निर्धारित की गई है। टीमों का बेस प्राइस 2000 करोड़ रुपये होगा और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नीलामी से 5000 से लेकर 6000 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब आईपीएल के एक सीजन में दस टीमें खेलेंगी। इससे पहले 2011 में भी दस टीमें खेल चुकी हैं। उस वक्त पुणे वॉरियर्स और कोच्चि टस्कर्स हिस्सा लेने वाली दो नई टीमें थीं। 2012 में कोच्चि को बैन कर दिया गया था। अगले दो सीजन यानी 2012 और 2013 में नौ टीमों ने हिस्सा लिया था। 2014 में लीग एक बार फिर से आठ टीमों के टूर्नामेंट पर लौट आई थी। 

हम आपको पांच शहरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी नीलामी पर सबसे ज्यादा बोली लग सकती है... 

1. अहमदाबाद

दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम अहमदाबाद में है। - फोटो : सोशल मीडिया
अहमदाबाद का आईपीएल फ्रैंचाइजी बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां बना दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम है। इस स्टेडियम में 1 लाख 32 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस स्टेडियम में हाल ही में कई इंटरनेशनल मैच और  आईपीएल के कुछ मैच भी खेले गए थे। अगर आईपीएल का मौजूदा सीजन आगे नहीं बढ़ता तो फाइनल समेत सभी नॉकआउट मैच यहीं खेले जाने थे। इससे पहले IPL 2016 और 2017 में गुजरात लायंस भी लीग का हिस्सा रह चुका है।

2. लखनऊ

लखनऊ का इकाना स्टेडियम। - फोटो : सोशल मीडिया
लखनऊ को भी नीलामी में सबसे आगे माना जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि गोयनका ग्रुप जिसे हम आरपीएसजी ग्रुप के नाम से भी जानते हैं, इस फ्रैंचाइजी को खरीदने चाहते हैं। लखनऊ में मौजूद इकाना स्टेडियम में पिछले कुछ समय में काफी मैच हुए हैं। इस स्टेडियम को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है। इसमें करीब 50 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। BCCI ने जुलाई 2019 में इसे अफगानिस्तान क्रिकेट टीम का भारत में तीसरा होम ग्राउंड घोषित किया था। लखनऊ की नवाबी भाषा और मेट्रो की सुविधा की वजह से इसकी दावेदारी भी मजबूत है।

3. इंदौर

इंदौर का होल्कर क्रिकेट स्टेडियम। - फोटो : सोशल मीडिया
बीसीसीआई इंदौर को भी आईपीएल फ्रैंचाइजी के तौर पर बढ़ावा दे सकता है। इंदौर में मौजूद होल्कर स्टेडियम फ्रैंचाइजी का होम ग्राउंड भी बन सकता है। पिछले कुछ समय में इस स्टेडियम में कई मैच भी हुए हैं। होल्कर स्टेडियम में अब तक 1 टेस्ट और 4 वनडे मैच खेले गए हैं। इंदौर भारत के सबसे साफ शहरों में नंबर-1 है। इंदौर की दूसरे शहरों से कनेक्टिविटी भी अच्छी है। 

4. धर्मशाला

हर साल लीग के दो से तीन मैच यहां स्थित धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में होते रहे हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में स्थित धर्मशाला भी फ्रैंचाइजी बनने की रेस में शामिल है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि हर साल लीग के दो से तीन मैच यहां स्थित धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में होते रहे हैं। यह कुछ सीजन में पंजाब टीम का होम ग्राउंड भी रहा है। ऐसे में यहां टीम के रहने और उसके मैनेजमेंट की शानदार व्यवस्था है। इसके साथ ही होटल और टूरिज्म को भी फायदा होगा। बाकी शहरों से इसकी कनेक्टिविटी भी अच्छी है। ऐसे में बिजनेसमैन इस फ्रैंचाइजी में दिलचस्पी दिखा सकते हैं।

5. पुणे

पुणे का MCA क्रिकेट स्टेडियम। - फोटो : सोशल मीडिया
पुणे भी नई फ्रैंचाइजी के लिए मजबूत दावेदारों में से एक है। इससे पहले भी आईपीएल में पुणे फ्रैंचाइजी रह चुकी है। पुणे वॉरियर्स इंडिया और राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स ने पुणे का प्रतिनिधित्व किया था। पुणे वॉरियर्स 2011 से लेकर 2013 तक और राइजिंग पुणे 2016 और 2017 सीजन में लीग का हिस्सा रही थी।

पुणे में मौजूद महाराष्ट्र क्रिकेट स्टेडियम टीम का होम ग्राउंड हो सकता है। पुणे में कई इंटरनेशनल मैच भी हो चुके हैं। यहां अब तक कुल 2 टेस्ट, 4 वनडे 3 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। भारत और इंग्लैंड के खिलाफ 3 वनडे मैच की सीरीज भी इसी ग्राउंड पर खेली गई थी।

इसके अलावा कटक, गुवाहाटी और रांची भी फ्रैंचाइजी बनने की सूची में हैं। अब हम आपको उन 3 बिजनेसमैन और पर्सनैलिटी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 2 फ्रैंचाइजी खरीद सकते हैं...
 

1. गोयनका ग्रुप

RPSG ग्रुप के चेयरमैन संजीव गोयनका और धोनी। - फोटो : सोशल मीडिया
गोयनका ग्रुप को आरपीएसजी ग्रुप के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा बताया जा रहा है कि यह ग्रुप अगले सीजन के लिए फ्रैंचाइजी खरीदना चाहता है। आरपीएसजी ग्रुप ने इससे पहले राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स फ्रैंचाइजी भी खरीदी थी। यह टीम 2016 और 2017 में चेन्नई सुपर किंग्स के बैन होने पर आई थी। बताया जा रहा है कि आरपीएसजी ग्रुप लखनऊ फ्रैंचाइजी खरीदना चाहता है।

इस ग्रुप के स्पोर्ट्स सेक्टर में कई बिजनेस हैं। उन्होंने इंडियन सुपर लीग की टीम एटीके फुटबॉल की भी फ्रैंचाइजी खरीदी थी। देश की दिग्गज फुटबॉल क्लब मोहन बागान में इस ग्रुप की बड़ी हिस्सेदारी है। अब यह ग्रुप नई आईएसएल फ्रैंचाइजी एटीके मोहन बागान का भी मालिक है।

2. अडाणी ग्रुप

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी। - फोटो : सोशल मीडिया
अडाणी ग्रुप कोई एक फ्रैंचाइजी खरीदने की रेस में सबसे आगे हैं। इस ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी हैं। उन्हें क्रिकेट और दूसरे स्पोर्ट्स में भी काफी दिलचस्पी है। अडाणी ने भारतीय एथलीट को सपोर्ट करने के लिए ''गर्व है'' जैसा प्रोग्राम लॉन्च किया था। इस प्रोग्राम ने 2016 रियो ओलंपिक से पहले खिलाड़ियों की काफी मदद की थी। इस ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में सुरगुजा फुटबॉल अकेडमी भी खोला था। इस अकेडमी से अब तक 11 प्लेयर्स भारत के नेशनल फुटबॉल टीम में खेल चुके हैं। 

3. मोहनलाल

मोहनलाल आईपीएल 2020 के दौरान स्टेडियम में दिखे थे। - फोटो : सोशल मीडिया
मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार और बिजनेसमैन मोहनलाल विश्वनाथन भी नीलामी में हिस्सा ले सकते हैं। वे यूएई में हुए पिछले सीजन के काफी मैचों में स्टेडियम में दिखे थे। इसके अलावा उन्होंने 2009 में आईपीएल फ्रैंचाइजी कोच्चि टस्कर्स के लिए बोली भी लगाई थी। मोहनलाल को क्रिकेट में काफी दिलचस्पी है।

वे 2012 और 2013 में हुए सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग में केरल स्ट्राइकर्स टीम के कप्तान रह चुके हैं। इसके अलावा उनके कई बिजनेस वेंचर्स भी हैं। इनके अलावा चड्ढ़ा ग्रुप भी IPL फ्रैंचाइजी खरीदने में दिलचस्पी दिखा सकता है। 

टेंडर खरीदने वालों के लिए भी बनाए गए नियम

बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक नई टीमों के लिए ई-ऑक्शन नहीं होगा। पुराने नियम के अनुसार बंद बोली प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी। टेंडर खरीदने वाले को 10 लाख रुपये की नॉन रिफंडेबल फीस देनी होगी। इसके ऊपर जीएसटी भी लगेगा। 

कम से कम 2500 करोड़ का नेटवर्थ जरूरी
जानकारी के मुताबिक, नीलामी के लिए जो भी कंपनी पैसे लगाएगी, उनके पास कम से कम 2500 करोड़ रुपये का नेट वर्थ होना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी का टर्नओवर 3000 करोड़ रुपये के ऊपर का होना चाहिए। साथ ही अगर 2-3 कंपनियां मिलकर भी अगर एक टीम पर बोली लगाती है, तो तीनों में से कम से कम किसी एक का नेट वर्थ 2500 करोड़ रुपये के आसपास होना चाहिए।

कैसे होगी नीलामी?

  • नीलामी 2 स्टेज में होगी- लीगल और फाइनेंशियल। 
  • लीगल डिपार्टमेंट अगर बोली लगाने वाले की योग्यता मानदंड से सहमत है, तो फिर फाइनेंशियल प्रक्रिया की शुरुआत होगी। 
  • एक व्यक्ति या ग्रुप 2 से 6 शहरों के लिए बोली लगा सकता है। इसके साथ ही इसमें उसके बोली लगाने के कारण और उसकी मार्किंग वैल्यू को भी नोट किया जाएगा। 
  • 2 सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी/व्यक्ति फ्रैंचाइजी खरीद सकेंगे। इसके बाद वे अपनी फ्रैंचाइजी को कोई भी नाम दे सकते हैं।
टीम बनने के बाद क्या होगा?
  • दोनों टीमों को अगले 10 साल तक फ्रैंचाइजी फीस का 10% बोर्ड को देना होगा। फ्रैंचाइजी रेवेन्यू शेयर का 50% अपने पास रखेगी। 
  • 10 साल के बाद टीमों को 20% फ्रैंचाइजी फीस देनी होगी। साथ ही वे सेंट्रल पूल के रेवेन्यू में भी हिस्सेदार बन जाएंगे।

राइट टू मैच कार्ड विवाद क्या है?

बीसीसीआई ने अभी तक राइट टू मैच कार्ड को लेकर भी कुछ खुलकर नहीं बताया है। इस कार्ड की मदद से ऑक्शन में टीमें अपने पुराने खिलाड़ियों को वापस ला सकती हैं। ऑक्शन में हर टीम को ऐसे दो कार्ड मिलते थे और साथ ही उनके पास तीन खिलाड़ियों को रिटेन करने का ऑप्शन होता था। 2 खिलाड़ियों को रिटेन करने पर 3 आरटीएम कार्ड मिलते थे। ऐसा कहा जा रहा है कि अगले सीजन के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन से दो खिलाड़ियों को रिटेन और दो आरटीएम कार्ड के ऑप्शन दिए जाएंगे। हालांकि, बोर्ड ने इस पर कुछ भी फाइनल नहीं किया है।

IPL 2022 में पांच विदेशी प्लेयर्स?
IPL 2022 में चार की जगह पांच विदेशी प्लेयर्स को भी खिलाने की मांग चल रही है। हालांकि, BCCI ऐसा करेगा, इसके बहुत कम चांसेज हैं। पहले भी बोर्ड कई बार बोल चुका है कि एक टीम में चार से ज्यादा विदेशी प्लेयर्स को मौका नहीं दिया जाएगा। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी पांच प्लेयर्स के कॉन्सेप्ट को सपोर्ट किया था। उन्होंने कहा था कि ज्यादा ऑप्शन रहने से टीम की क्वालिटी अच्छी होगी।
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