वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और निर्णायक टी20 मुकाबले से पहले भारतीय टीम को अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का साथ मिला है। चौथे टी20 में अर्शदीप सिंह के गेंदबाजी वाले कंधे पर चोट लगने के बाद भुवनेश्वर को टीम में शामिल किया गया है। भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने उनकी वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि उनका अनुभव युवा गेंदबाजी आक्रमण के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी20 बंगलूरू में खेला जाना है।
गंभीर और मोर्कल
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'उनका अनुभव गेंदबाजी आक्रमण के लिए काफी उपयोगी होगा'
मैच से पहले पत्रकारों से बातचीत में मोर्कल ने भुवनेश्वर की वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू (आरसीबी) के लिए भुवनेश्वर के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। मोर्कल ने कहा, 'मैं उन्हें वापस टीम में देखकर बेहद उत्साहित हूं। उन्होंने आरसीबी के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि उनका अनुभव अपेक्षाकृत युवा गेंदबाजी आक्रमण के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। इसलिए उनकी वापसी अच्छी खबर है और मैं उन्हें खेलते हुए देखने के लिए उत्सुक हूं।' भुवनेश्वर की टीम में वापसी ऐसे समय हुई है, जब भारतीय गेंदबाजों को इस सीरीज में बड़े स्कोर रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। ऐसे में उनके अनुभव से टीम को दबाव के क्षणों में बेहतर फैसले लेने में मदद मिल सकती है।
भुवनेश्वर कुमार
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200 से ज्यादा रन भी नहीं बचा पा रही टीम इंडिया
भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला है। दोनों टीमों ने कई मुकाबलों में बड़े स्कोर बनाए हैं, जबकि भारतीय गेंदबाजों को लक्ष्य का बचाव करने में परेशानी हुई है। पहले टी20 में भारत ने 172 रन का लक्ष्य आठ विकेट से हासिल कर लिया था। हालांकि, रांची में खेले गए दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 250 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम ने 18.3 ओवर में चार विकेट पर 252 रन बनाकर जीत दर्ज की।
तीसरे टी20 में भारत ने वापसी की और 223 रन बनाने के बाद वेस्टइंडीज को 209/7 पर रोककर 14 रन से मुकाबला जीता। लेकिन चौथे मैच में मेहमान टीम ने फिर बड़ा स्कोर खड़ा किया। शाई होप के नाबाद शतक की मदद से वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 24 रन से मुकाबला हार गई।
कोच मोर्ने मोर्कल।
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दबाव में सही गेंदबाजी करना भारत के लिए चुनौती
मोर्कल ने कहा कि बंगलूरू जैसे बड़े स्कोर वाले मैदान पर भारतीय गेंदबाजों को दबाव में बेहतर फैसले लेने और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करने पर ध्यान देना होगा। यॉर्कर जैसी गेंदों पर लगातार सटीकता हासिल करने के लिए अनुभव और मैच खेलने का समय जरूरी है।
भुवनेश्वर की वापसी से भारतीय गेंदबाजी को अतिरिक्त अनुभव मिलेगा। हालांकि, निर्णायक मुकाबले में उनका प्रदर्शन और टीम की रणनीति कितनी प्रभावी रहती है, यह देखना अहम होगा। भारत के लिए वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना जीत की सबसे बड़ी शर्त होगी।