दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2027 से पहले श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चमिंडा वास को गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। इससे पहले सौरव गांगुली को मुख्य कोच और युवराज सिंह को सहायक एवं बल्लेबाजी कोच बनाया गया था। नए कोचिंग स्टाफ के साथ दिल्ली की नजर पहली बार आईपीएल खिताब जीतने पर होगी।
आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने अपने कोचिंग स्टाफ को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। फ्रेंचाइजी ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज चमिंडा वास को टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। इससे पहले दिल्ली सौरव गांगुली को मुख्य कोच और युवराज सिंह को सहायक एवं बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंप चुकी है। अब वास के जुड़ने से टीम के कोचिंग स्टाफ में अंतरराष्ट्रीय अनुभव का एक और बड़ा नाम शामिल हो गया है।
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फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए वास की नियुक्ति की घोषणा की। दिल्ली कैपिटल्स को उम्मीद होगी कि अनुभवी कोचों की यह नई टीम आगामी सत्र में उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाने और पहली बार आईपीएल खिताब जीतने के सपने को पूरा करने में मदद करेगी।
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355 टेस्ट और 400 वनडे विकेट लेने वाले दिग्गज हैं वास
52 वर्षीय चमिंडा वास श्रीलंका के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 111 टेस्ट मैचों में 355 विकेट और 322 वनडे मुकाबलों में 400 विकेट हासिल किए। वह 1996 में विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का भी हिस्सा थे।
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज वास अपनी सटीक लाइन-लेंथ, नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में प्रभावी गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे। उनका अनुभव दिल्ली के गेंदबाजों के लिए अहम साबित हो सकता है। खासकर टी20 क्रिकेट में पावरप्ले और डेथ ओवरों के दौरान गेंदबाजी की रणनीति तैयार करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वास के पास कोचिंग का भी अच्छा अनुभव है। वह श्रीलंका की सीनियर टीम और उसकी अन्य टीमों के साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा, 2016 टी20 विश्व कप के दौरान आयरलैंड के गेंदबाजी कोच रहे और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों के साथ सलाहकार के रूप में भी काम किया।
चमिंडा वास
- फोटो : ANI
गांगुली और युवराज के साथ मिलकर बनाएंगे नई रणनीति
दिल्ली कैपिटल्स ने छह अक्तूबर को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को मुख्य कोच नियुक्त किया था। गांगुली 2019 से फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे हैं। हालांकि, आईपीएल में मुख्य कोच के रूप में यह उनकी पहली जिम्मेदारी होगी। इससे पहले वह एसए20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके बाद 13 अक्तूबर को युवराज सिंह को सहायक और बल्लेबाजी कोच बनाया गया।
भारत की 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज के लिए यह पहली औपचारिक कोचिंग भूमिका है। अब गांगुली के नेतृत्व, युवराज के बल्लेबाजी अनुभव और वास की गेंदबाजी विशेषज्ञता के साथ दिल्ली कैपिटल्स एक नई शुरुआत करने की तैयारी में है। तीनों दिग्गजों की मौजूदगी से टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर योजना बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पिछले दो सत्र के प्रदर्शन को पीछे छोड़ना चाहेगी दिल्ली
दिल्ली कैपिटल्स ने मुख्य कोच हेमंग बदानी के नेतृत्व में दो सत्र बिताने के बाद अपने पुराने कोचिंग समूह में बदलाव किया है। टीम 2025 में प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी थी, जबकि आईपीएल 2026 में छठे स्थान पर रही। फ्रेंचाइजी अब नए कोचिंग स्टाफ के साथ खिताब जीतने की अपनी कोशिश को मजबूत करना चाहती है। हालांकि, केवल बड़े नामों का टीम से जुड़ना सफलता की गारंटी नहीं है। असली परीक्षा मैदान पर रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की होगी।