मध्य प्रदेश के इंदौर के 33 साल के स्टार ऑलराउंडर सारांश जैन को भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में होने वाले टेस्ट में खेलने का मौका मिल सकता है। सारांश को पहले टेस्ट में खेलने का मौका नहीं मिला था, लेकिन वह अब दूसरे टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं। सारांश श्रीलंका दौरे के लिए टीम का नया चेहरा बने थे। वॉशिंगटन सुंदर के अनुपलब्ध रहने के कारण सारांश को मिला था। सारांश दाएं हाथ के स्पिनर हैं और वह लोअर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज भी हैं। बल्लेबाजी वह बाएं हाथ से करते हैं। सारांश ने फर्स्ट क्लास डेब्यू 2014 में किया था और टीम इंडिया में चयन के लिए उन्हें 12 साल इंतजार करना पड़ा।
कुलदीप हो सकते हैं बाहर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारांश के दूसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की मजबूत संभावना है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। कुलदीप ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका की पहली पारी में मात्र 14 ओवर गेंदबाजी की और 65 रन देकर एक विकेट लिए। वहीं, दूसरी पारी में 11 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 38 रन दिए। वहीं बाएं हाथ के दो अन्य स्पिन गेंदबाजों युवा मानव सुथार ने दोनों पारियों को मिलाकर 45.2 ओवर गेंदबाजी की और 10 विकेट लिए।
रवींद्र जडेजा ने दोनों पारियों को मिलाकर 44 ओवर फेंके और चार विकेट लिए। कुलदीप लंबे समय से टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित रूप से कभी मौका नहीं मिला। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उन्हें मौका नहीं मिला था। मानव सुथार के आने के बाद उनके लिए मुश्किल और बढ़ी है। 2017 में टेस्ट डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव ने अब तक खेले सिर्फ 19 टेस्ट मैचों में 80 विकेट लिए हैं।
कैफ ने कुलदीप के खेलने को लेकर क्या कहा?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने अगले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में कुलदीप यादव के खेलने पर संशय जताया है। कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मुझे कुलदीप यादव की चिंता है। हो सकता है कि वह अगला मैच न खेले। ऐसा भी हो सकता है। जब भी उसे गेंदबाजी दी गई, तो लंबे की जगह छोटे स्पेल दिए गए। सारांश जैन एक ऑफ-स्पिनर है। पडिक्कल बॉलिंग करने क्यों आया? ऐसा इसलिए था क्योंकि बीच में ऑफ-स्पिनर की कमी दिख रही थी। ऐसे में मुझे लगता है कि कुलदीप अगले टेस्ट में अपनी जगह खो सकते हैं।'
सारांश का फर्स्ट क्लास करियर
सारांश का फर्स्ट क्लास करियर शानदार रहा है। उन्होंने 181 विकेट निकाले हैं और साथ ही 2223 रन भी बनाए हैं। सारांश के पिता सुबोध जैन भी दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज थे। उन्होंने अपने खेल के दिनों में मध्य प्रदेश के लिए नौ रणजी ट्रॉफी मैच खेले थे, हालांकि उन्हें कभी अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका नहीं मिला। सारांश ने अनुभवी कोच चंद्रकांत पंडित के मार्गदर्शन में अपने खेल को निखारा है। उनकी देखरेख में सारांश एक कभी-कभार टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ी से आगे बढ़कर एक प्रमुख और मैच जिताऊ ऑलराउंडर बन गए।
भारतीय स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान।