भारतीय टीम के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने अनुभवी बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा की खेल को समझने और मैदान पर तेजी से परिस्थितियों का आकलन करने की क्षमता की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का फील्डिंग का लंबा अनुभव उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है। उनकी बेहतर समझ और सही समय पर लिया गया फैसला टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले से पहले पत्रकारों से बातचीत में शुभदीप घोष ने बताया कि विराट कोहली और रोहित शर्मा किस तरह अपनी समझ और अनुभव के दम पर मैदान पर शानदार फील्डिंग करते हैं।
विराट कोहली
- फोटो : ANI
विराट कोहली को गेंद की दिशा का रहता है बेहतर अंदाजा
- शुभदीप घोष ने विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक कवर और पॉइंट जैसे अहम फील्डिंग पोजिशन पर समय बिताया है। इस वजह से उन्हें गेंद की दिशा, उसकी गति और टकराने के बाद उसके रास्ते का बेहतर अंदाजा रहता है।
- उन्होंने कहा, 'विराट ने कवर और पॉइंट पर कई बार फील्डिंग की है। इसलिए उन्हें गेंद की दिशा और रास्ते के बारे में पता है। वह दूसरों की तुलना में स्थिति को थोड़ा पहले समझ लेते हैं और उनके काम करने के तरीके में यह साफ दिखाई देता है।'
रोहित शर्मा
- फोटो : ANI
रोहित शर्मा की सूझबूझ से रन आउट हुए डेरिल मिचेल
फील्डिंग कोच ने रोहित शर्मा की भी जमकर सराहना की। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में डेरिल मिचेल के रन आउट होने का जिक्र करते हुए कहा कि रोहित ने गेंद की दिशा का पहले ही अंदाजा लगा लिया था। इसी वजह से वह सही समय पर सही जगह पहुंचने में सफल रहे। घोष के मुताबिक, रोहित सीधे गेंद की तरफ नहीं बढ़ रहे थे, बल्कि पहले से ही स्क्वायर लेग की दिशा में मूव कर रहे थे। उनके इसी शुरुआती अंदाजे ने रन आउट करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, 'अंदाजा लगाना फील्डिंग के सबसे जरूरी पहलुओं में से एक है। रोहित ने पहले ही समझ लिया था कि गेंद स्क्वायर लेग की तरफ जाएगी। उनके इस शुरुआती मूवमेंट ने उन्हें अपनी स्किल का पूरा इस्तेमाल करने में मदद की।'
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : BCCI
पहले वनडे में भारतीय फील्डिंग से खुश हैं कोच
शुभदीप घोष ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम ने शानदार कैच पकड़ने के साथ विकेट लेने और ग्राउंड फील्डिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मैदान पर इंटेंसिटी काफी अच्छी थी। विपक्षी टीम को करीब 180 रन पर रोकना केवल अच्छी गेंदबाजी का नतीजा नहीं था, बल्कि इसमें भारतीय खिलाड़ियों की बेहतरीन फील्डिंग का भी बड़ा योगदान रहा।
भारत बनाम न्यूजीलैंड (वनडे)
- फोटो : ANI
विदेशी मैदानों पर कंडीशन के हिसाब से ढलना चुनौती
- फील्डिंग कोच ने विदेशी दौरों पर अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को ढालने की चुनौती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर देश में मैदान का आकार, मौसम और बाउंड्री की स्थिति अलग होती है। ऐसे में खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों को समझकर अपनी रणनीति बनानी पड़ती है।
- घोष ने बताया कि ठंडा मौसम और मैदान के अलग-अलग आकार जैसी चीजों पर टीम ड्रेसिंग रूम में नियमित रूप से चर्चा करती है, ताकि खिलाड़ी मुकाबले के दौरान पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतर फील्डिंग के लिए केवल फिटनेस और स्किल ही नहीं, बल्कि खेल को पहले से समझने और परिस्थितियों के अनुसार तुरंत फैसला लेने की क्षमता भी बेहद जरूरी है।