इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने अपनी बल्लेबाजी में किए बदलाव का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टी20 सीरीज में बड़े शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन वनडे में उन्होंने टाइमिंग और धैर्य को प्राथमिकता दी।
अक्षर ने अपनी रणनीति को लेकर क्या कहा?
भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कहा कि उनके लिए इस तरह का प्रदर्शन करना बेहद जरूरी था। उन्होंने लगातार प्रयास किया और अपनी मानसिकता को एकाग्र बनाए रखा। उनका कहना था कि सब कुछ अपने आप होने का इंतजार करने के बजाय खुद पर भरोसा रखना और अपनी रणनीति पर अमल करना जरूरी था।
टी20 में क्या गलती हो रही थी?
अक्षर पटेल ने कहा कि टी20 मैचों में वह गेंद पर कुछ ज्यादा ही जोर से प्रहार करने की कोशिश कर रहे थे। उनका मानना है कि जब बल्लेबाज डेथ ओवरों में उतरता है तो बड़े शॉट खेलने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं होते, लेकिन इसी दौरान उनकी लय भी प्रभावित हो रही थी। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अक्षर केवल 19 रन ही बना सके थे।
वनडे में क्या बदलाव किया?
अक्षर ने बताया कि वनडे में उन्होंने अपनी रणनीति बदली और गेंद को ज्यादा ताकत से मारने की बजाय उसकी टाइमिंग पर ध्यान दिया। उन्हें पता था कि उनके पास पर्याप्त समय है और शुरुआती कुछ गेंदें आराम से खेली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी विकेटों पर परिस्थितियों को समझने के बाद रन बनाना आसान हो जाता है।
पिच को लेकर अक्षर ने क्या कहा?
अक्षर पटेल के अनुसार, इस तरह की विकेट पर क्रीज पर कुछ समय बिताना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज आते ही उछाल वाली गेंदों पर शॉट नहीं खेल सकता। पहले खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालना पड़ता है, उसके बाद ही अपने शॉट खेलने चाहिए।
पहले वनडे में कैसा रहा प्रदर्शन?
बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में अक्षर पटेल ने पहले 9.5 ओवरों में चार विकेट लिए। इसके बाद उन्होंने 52 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। भारत ने 259 रन का लक्ष्य चार विकेट खोकर 28 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस जीत में कप्तान शुभमन गिल (80) और वॉशिंगटन सुंदर (52) ने भी अहम योगदान दिया। अक्षर पटेल को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।