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भारत-पाकिस्तान मैच के बहाने सुलह?: 15 फरवरी को आमने-सामने होंगे पांच एशियाई क्रिकेट बोर्ड प्रमुख! ICC की पहल

Thu, 12 Feb 2026 01:53 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

भारत-पाकिस्तान मैच के मौके पर आईसीसी ने एशिया की पांच क्रिकेट ताकतों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है। बहिष्कार के खतरे और आर्थिक नुकसान की आशंका के बाद पाकिस्तान ने रुख बदला। अब कोलंबो में होने वाली बातचीत से रिश्ते सुधारने और टूर्नामेंट को स्थिर रखने की उम्मीद है।
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कोलंबो में मैच, पर नजरें मीटिंग पर - फोटो : Twitter
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विस्तार
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच चले विवाद के बाद अब आईसीसी डैमेज कंट्रोल मोड में दिख रहा है। 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान एशिया की पांच बड़ी क्रिकेट ताकतों के प्रमुखों को एक साथ बैठाकर बातचीत कराने की योजना बनाई गई है। मकसद साफ है, तनाव कम करना और क्रिकेट कूटनीति के जरिए रिश्तों को पटरी पर लाना। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के प्रमुख अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच मैच देखने के लिए कोलंबो जाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ उनके संबंध सुधरेंगे।
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बीसीबी प्रमुख ने खोला राज
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने स्थानीय अखबार ‘प्रथम आलो’ को बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की तरफ से निमंत्रण मिला है। अमीनुल ने कहा, 'आईसीसी के प्रमुख हितधारक पांच एशियाई देश हैं और वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने मैच के लिए सभी पांच एशियाई देशों के प्रतिनिधि एक साथ स्टेडियम में मौजूद रहें, मैच देखें और एक-दूसरे से बात करें।' भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान एशिया के आईसीसी में महत्वपूर्ण सदस्य हैं। अमीनुल के मुताबिक, वर्ल्ड कप से ठीक पहले तीनों देशों के रिश्ते बेहद तल्ख हो गए थे। इस्लाम से पूछा गया कि क्या इस बैठक से बीसीसीआई के साथ उसके तनावपूर्ण संबंध खत्म करने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा, 'आप इसे कुछ इसी तरह मान सकते हैं।'

जय शाह-अमीनुल इस्लाम बुलबुल - फोटो : ANI-BCB
यू-टर्न के पीछे कूटनीति
आईसीसी की यह पहल ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार की अपनी पुरानी घोषणा से आखिरी वक्त में पलटी मारी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिकेट कूटनीति और आर्थिक असर को देखते हुए यह फैसला बदला गया। अमीनुल इस्लाम का दावा है कि पाकिस्तान बहिष्कार के लिए तैयार था और उन्हें खुद पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी को समझाना पड़ा। भारत-पाकिस्तान मैच को दुनिया के सबसे कमाऊ मुकाबलों में गिना जाता है, जिससे करीब 250 मिलियन डॉलर के प्रसारण राजस्व की बात होती है। बांग्लादेश ने दलील दी कि अगर यह मैच नहीं हुआ, तो नुकसान सिर्फ एक देश का नहीं, पूरे क्रिकेट जगत का होगा।

'पूरे टूर्नामेंट से हटने' की चेतावनी
बीसीबी प्रमुख ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप से पूरी तरह हटने की धमकी तक दे दी थी। अगर ऐसा होता और बांग्लादेश भी किनारे रहता, तो टूर्नामेंट की सबसे कीमती टक्करें खतरे में पड़ जातीं। इससे ब्रॉडकास्ट डील और कमर्शियल समझौतों पर दूरगामी असर पड़ सकता था। आखिरकार नौ फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने रुख बदला। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोस्त देशों की अपील और बहुपक्षीय बातचीत के नतीजों ने फैसले को प्रभावित किया। बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई जैसे देशों के आग्रह का भी जिक्र हुआ।
 

आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी - फोटो : ANI/Twitter

रहमान को बाहर करने से शुरू हुआ था विवाद
बीसीसीआई और बीसीबी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय बोर्ड ने कुछ अज्ञात परिस्थितियों के चलते बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स के आईपीएल अनुबंध से बाहर करने का आदेश दिया। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह कदम बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हिंसा से प्रेरित था जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मैचों के लिए भारत आने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने बांग्लादेश की चिंताओं को खारिज कर दिया था।

बांग्लादेश आईसीसी से समझौता करेगा?
बांग्लादेश हालांकि अपने रुख पर कायम रहा इसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को दे दी गई। इस्लाम ने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन तैयार करेगा जिससे आईसीसी की तरफ से उन्हें मिले आश्वासनों को अंतिम रूप दे दिया जाए। उन्होंने कहा, 'हम एक समझौता भी करेंगे। यह एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) जैसा दस्तावेज होगा, ताकि कोई अनिश्चितता न रहे। आईसीसी के साथ (समझौता ज्ञापन तैयार करने के संबंध में) चर्चा लगभग अंतिम पड़ाव पर है।

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मिथुन मनहास, राजीव शुक्ला और देवाजीत सैकिया - फोटो : ANI
क्या सुलह की राह निकलेगी?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कोलंबो में होने वाली यह हाई-प्रोफाइल मुलाकात सिर्फ औपचारिकता रहती है या वाकई रिश्तों में नई शुरुआत का रास्ता खोलती है। भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा भावनाओं का ज्वार लेकर आता है, लेकिन इस बार स्टैंड्स से ज्यादा अहम बंद कमरे की बातचीत हो सकती है।

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