ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट में हसन महमूद ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 55 रन देकर छह विकेट झटके और कंगारुओं को 198 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। 26 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने कम उम्र में बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी को नई पहचान दी है और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका नाम इतिहास में दर्ज हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन अगर किसी खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं तो वह बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद रहे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था, लेकिन हसन ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और सीम मूवमेंट से कंगारू बल्लेबाजों की हालत खराब कर दी। उन्होंने 17 ओवर में तीन मेडन डालते हुए सिर्फ 55 रन देकर छह विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी महज 198 रन पर सिमट गई। यह हसन के टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/43 था।
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हसन ने ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद उन्होंने स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गज बल्लेबाज का भी विकेट हासिल किया। स्मिथ ने 71 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन हसन ने उनकी पारी का अंत कर बांग्लादेश को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद उन्होंने कप्तान पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन को भी पवेलियन भेजकर अपना छह विकेट पूरा किया।
हसन महमूद
- फोटो : @TheRealPCB
लक्ष्मीपुर से शुरू हुआ सफर
हसन महमूद का जन्म 12 अक्तूबर 1999 को बांग्लादेश के लक्ष्मीपुर में हुआ। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हसन की खासियत उनकी गति के साथ-साथ गेंद को सही जगह पर डालने की क्षमता है। बहुत लंबे कद के नहीं होने के बावजूद वह अपनी फ्रंट-ऑन गेंदबाजी शैली से अच्छी रफ्तार पैदा करते हैं।
उनका क्रिकेट सफर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की एज-ग्रुप प्रणाली से शुरू हुआ। उन्होंने 2015 में चटगांव अंडर-16 टीम के लिए खेला। इसके बाद अंडर-19 स्तर पर खुद को साबित किया और 2018 अंडर-19 विश्व कप में नौ विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद ढाका प्रीमियर लीग में 12 विकेट हासिल किए और बांग्लादेश की अंडर-23 टीम का हिस्सा भी बने।
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद हसन ने 2019-20 सत्र में बांग्लादेश प्रीमियर लीग और बांग्लादेश क्रिकेट लीग में प्रभाव छोड़ा। 2020 में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसके बाद वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने अपनी जगह बनाई।
पाकिस्तान के खिलाफ भी दिखाया था दम
हसन महमूद के लिए पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज भी करियर का अहम पड़ाव रही। उन्होंने रावलपिंडी में खेले गए दूसरे टेस्ट में पांच विकेट झटके थे। इसके बाद से वह बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी इकाई में लगातार प्रभाव डालते रहे हैं।
उनकी गेंदबाजी की खासियत यह है कि वह सिर्फ गति के भरोसे नहीं रहते। नई गेंद से स्विंग और सीम मूवमेंट हासिल करने के साथ-साथ वह बल्लेबाज को लगातार एक ही क्षेत्र में गेंद डालकर दबाव बनाने में सक्षम हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन में भी उनकी यही रणनीति काम आई।
हसन महमूद बरपा रहे कहर
- फोटो : @ICC
करियर स्टैट्स में अब दिखा बड़ा बदलाव
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट लेने के बाद हसन महमूद के टेस्ट करियर में 15 मैचों में 42 विकेट हो गए हैं। उनका गेंदबाजी औसत 29.71 और इकॉनमी रेट 3.55 है। टेस्ट में वह तीन बार पांच विकेट ले चुके हैं और अब उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/55 हो गया है।
वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली है। उन्होंने 26 मैचों में 33 विकेट लिए हैं, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में 26 मैचों में उनके नाम 28 विकेट हैं। वनडे में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/32 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 3/33 है।
इस तरह हसन ने तीनों प्रारूपों में बांग्लादेश के लिए अपनी उपयोगिता साबित की है। उनके आंकड़े यह भी बताते हैं कि वह सिर्फ टेस्ट विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि सीमित ओवरों में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण तेज गेंदबाज हैं।
बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी को मिली नई उम्मीद
बांग्लादेश क्रिकेट लंबे समय तक स्पिन गेंदबाजों पर निर्भर रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में देश से कई अच्छे तेज गेंदबाज सामने आए हैं और हसन महमूद उसी बदलाव का हिस्सा हैं। उनकी खासियत यह भी है कि वह एक अच्छे आउटफील्डर माने जाते हैं। तेज गेंदबाजों के बीच ऐसा खिलाड़ी मिलना बांग्लादेश के लिए अतिरिक्त फायदा है। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन उन्हें टीम के अहम गेंदबाजों में शामिल कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन में उनका छह विकेट का प्रदर्शन इस सफर का बड़ा पड़ाव है। खास बात यह है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप के खिलाफ यह कारनामा किया। बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलिया को 198 रन पर समेटना भी ऐतिहासिक रूप से खास रहा, क्योंकि हसन की अगुआई में गेंदबाजों ने पूरे दिन मेजबान टीम पर दबाव बनाए रखा।
हसन महमूद और यशस्वी जायसवाल
- फोटो : BCCI
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6/55 ने बदली कहानी
डार्विन टेस्ट से पहले हसन महमूद को बांग्लादेश के उभरते हुए तेज गेंदबाज के तौर पर देखा जाता था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी इस स्पेल ने उन्हें बड़े मंच पर स्थापित कर दिया है। उन्होंने एक ही पारी में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष और निचले क्रम दोनों को निशाना बनाया और स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाज का विकेट लेकर अपनी काबिलियत दिखाई।
अब उनके टेस्ट करियर का अगला लक्ष्य इस प्रदर्शन को लगातार दोहराना होगा। बांग्लादेश के लिए भी हसन का उभरना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम को विदेशी परिस्थितियों में विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की जरूरत है। डार्विन में 6/55 ने साबित कर दिया कि हसन महमूद उस जिम्मेदारी को निभाने की क्षमता रखते हैं।
हसन महमूद के करियर के प्रमुख आंकड़े
जन्म: 12 अक्तूबर 1999, लक्ष्मीपुर, बांग्लादेश
भूमिका: दाएं हाथ के तेज गेंदबाज
टेस्ट: 15 मैच, 42 विकेट, औसत 29.71, सर्वश्रेष्ठ 6/55
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन में मिली यह कामयाबी हसन महमूद के लिए सिर्फ छह विकेट का आंकड़ा नहीं है। यह उस तेज गेंदबाज की कहानी का नया अध्याय है, जिसने बांग्लादेश के एज-ग्रुप क्रिकेट से शुरुआत की, घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया और अब ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ अपनी पहचान बना रहा है।