विराट कोहली ने रायपुर में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 60 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को छह विकेट से जीत दिलाई। 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट ने एक बार फिर साबित किया कि रन चेज में उनसे बेहतर बहुत कम बल्लेबाज हैं। इस जीत के साथ आरसीबी फिर से अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। विराट का यह आईपीएल करियर का नौवां और कुल टी20 करियर का 10वां शतक था।
गावस्कर बोले- पुरानी पीढ़ी अब भी सबसे बेस्ट
विराट की पारी से प्रभावित गावस्कर ने कहा, 'जब हर कोई कह रहा था कि यह नई पीढ़ी का सीजन है, तब विराट कोहली ने दिखा दिया कि वह अब भी यहां हैं। उन्होंने शतक लगाकर आलोचकों को चुप करा दिया। उन्होंने साबित कर दिया कि पुरानी पीढ़ी अब भी सबसे बेस्ट है।' उन्होंने आगे कहा, 'युवा खिलाड़ी सुर्खियां बटोर रहे हैं, लेकिन अनुभवी दिग्गज अभी खत्म नहीं हुए हैं। विराट का यह शतक उनकी महानता की याद दिलाने वाला खास पल था।'
रिकॉर्ड्स की बराबरी करना आसान नहीं
गावस्कर ने विराट के आंकड़ों पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'रिकॉर्ड टूटने के लिए होते हैं, लेकिन विराट जो लगातार मैच दर मैच और सीजन दर सीजन कर रहे हैं, उसकी बराबरी करने में किसी को बहुत लंबा समय लगेगा।' विराट अब टी20 क्रिकेट में 14,000 रन सबसे तेज पूरे करने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं और आईपीएल में सबसे ज्यादा नौ शतक उनके नाम हैं।
केकेआर की एक गलती पड़ी भारी
गावस्कर ने मैच के अहम मोड़ का जिक्र करते हुए कहा कि रोवमन पॉवेल ने विराट का कैच छोड़ दिया, जिसका केकेआर को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, 'आप विराट कोहली का आसान मौका नहीं छोड़ सकते। अगर उन्हें शुरुआत में जीवनदान मिला, तो वह हर बार इसकी कीमत वसूलते हैं। उन्होंने शतक लगाकर KKR को उस गलती का पछतावा करा दिया।'
महान खिलाड़ी ऐसे ही होते हैं
गावस्कर ने विराट की मानसिकता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'महान खिलाड़ी आपको दूसरा मौका नहीं देते। वे आपकी गलती को सजा में बदल देते हैं और मैच पलट देते हैं।' विराट कोहली की यह पारी सिर्फ शतक नहीं थी, बल्कि अनुभव और क्लास का प्रदर्शन थी। गावस्कर के शब्दों में, नई पीढ़ी चाहे जितनी चमके, लेकिन पुराने महान खिलाड़ी अब भी खेल का स्तर तय कर रहे हैं।