फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2011 वर्ल्ड कप की इस गलती पर पछतावा!: रोहित शर्मा से क्यों बोले पूर्व चयनकर्ता- माफ करना बॉस? जानें पूरा मामला

Thu, 23 Apr 2026 09:45 AM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

2011 वर्ल्ड कप से रोहित शर्मा का बाहर होना भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित फैसलों में से एक रहा। अब पूर्व चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने इस पर माफी मांगते हुए बताया कि टीम में ‘हाफ ऑलराउंडर’ रणनीति के कारण रोहित को मौका नहीं मिल पाया, जबकि वह इसके हकदार थे।
विज्ञापन
रोहित शर्मा और श्रीकांत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा आज 38 साल की उम्र में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके करियर का एक बड़ा अफसोस 2011 वनडे वर्ल्ड कप से बाहर रहना रहा। उस टूर्नामेंट में एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद खिताब जीता था।
विज्ञापन

पूर्व चयनकर्ता ने मांगी माफी
भारत के पूर्व चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत (क्रिस श्रीकांत) ने अब इस फैसले पर अफसोस जताया है। क्रिकेट पंडित अयाज मेमन से बातचीत के दौरान उन्होंने रोहित से माफी मांगने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा, 'मुझे आज भी उसके लिए बुरा लगता है। मैंने रोहित से पिछले साल कहा था- मैं माफी चाहता हूं, बॉस। यह जानबूझकर नहीं किया गया था, लेकिन हम कुछ ऐसे खिलाड़ियों को लेना चाहते थे जो आधे ऑलराउंडर हों। हमारी सोच 1983 वर्ल्ड कप जैसी थी। आखिर में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट कौन था? युवराज सिंह। बैट और बॉल दोनों से उसने शानदार प्रदर्शन किया।'

'हाफ ऑलराउंडर' कॉन्सेप्ट ने छीना मौका
श्रीकांत ने बताया कि उस समय टीम संयोजन में ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकें। उन्होंने कहा, 'हमारे पास वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, सुरेश रैना और यूसुफ पठान थे, जो कुछ ओवर डाल सकते थे। हरभजन के बैकअप के तौर पर अश्विन भी थे। यूसुफ पठान भी एक तरह के हाफ ऑलराउंडर थे। इसी सोच के चलते रोहित के लिए टीम में जगह नहीं बन पाई। वह 2011 वर्ल्ड कप खेलने के लिए पर्याप्त अच्छे थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह मौका चूक गए।'
विज्ञापन

युवराज सिंह की सलाह ने बदली दिशा
तब 23 साल के रोहित को टीम से बाहर किए जाने की खबर मिली, तो यह उनके लिए बड़ा झटका था। उन्होंने बाद में इसे अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया। उस मुश्किल दौर में युवराज सिंह ने रोहित का हौसला बढ़ाया। रोहित ने याद करते हुए बताया कि युवराज ने उन्हें अपनी कमजोरियों पर काम करने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि उनका क्रिकेट करियर लंबा है। यह सलाह आगे चलकर रोहित के करियर में काफी अहम साबित हुई और उन्होंने खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें