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T20 WC: क्या बांग्लादेश के हटने से 17.6 करोड़ दर्शक खो देगा ICC, फैंस के हत्थे क्यों चढ़े पाकिस्तान के यूसुफ?

Wed, 28 Jan 2026 02:04 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर दावा किया कि आईसीसी की व्यूअरशिप कम होगी, लेकिन कम्युनिटी नोट ने उनकी बात को गलत साबित किया। इस बीच पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में टूर्नामेंट से हटने पर विचार कर रहा है, लेकिन ऐसा कदम उसे विश्व क्रिकेट में आर्थिक और राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है।
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विराट कोहली और मोहम्मद यूसुफ - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान दिया, जिसने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी। यूसुफ ने दावा किया कि बांग्लादेश को बाहर किए जाने से आईसीसी को भारी व्यूअरशिप नुकसान होगा। उन्होंने लिखा कि न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, नेपाल, नीदरलैंड, आयरलैंड, नामीबिया, जिम्बाब्वे, श्रीलंका और अफगानिस्तान की संयुक्त व्यूअरशिप लगभग उतनी ही है जितनी अकेले बांग्लादेश की।
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यूसुफ ने क्या कहा?
मोहम्मद यूसुफ ने अपने पोस्ट में लिखा, 'न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, नेपाल, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, नामीबिया, जिम्बाब्वे, श्रीलंका और अफगानिस्तान, इन सभी देशों की संयुक्त क्रिकेट दर्शक संख्या उतनी ही होती है, जितनी अकेले बांग्लादेश पैदा करता है।
  • 10 देशों की संयुक्त संख्या: 178 मिलियन
  • बांग्लादेश अकेला: 176 मिलियन।

दुनिया भर के दर्शकों से चलने वाले खेल में, बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करना संगतता और शासन पर सवाल उठाता है। क्रिकेट प्रभाव से नहीं, सिद्धांत से चलना चाहिए।' यूसुफ का संकेत साफ था कि बांग्लादेश जैसे दर्शक-आधारित देश को हटाना आईसीसी के लिए लाभदायक नहीं है।'
 

विराट कोहली और मोहम्मद यूसुफ - फोटो : ANI
फैक्ट चेक में क्या निकला?
हालांकि, यूसुफ के बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कम्युनिटी नोट के जरिए उनकी बात को फैक्ट-चेक किया गया। नोट में लिखा गया, 'यूसुफ द्वारा बताए गए आंकड़े (178 और 176 मिलियन) वास्तविक व्यूअरशिप नहीं, बल्कि संबंधित देशों की जनसंख्या हैं। वैश्विक व्यूअरशिप शेयर में बांग्लादेश की हिस्सेदारी लगभग चार-पांच प्रतिशत है, जबकि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में टीवी पैठ अधिक है।' यानी यूसुफ के तर्क की नींव आंकड़ों पर नहीं बल्कि जनसंख्या पर थी, न कि वास्तविक क्रिकेट व्यूअरशिप पर।

पाकिस्तान की अजीब स्थिति
बांग्लादेश के हटते ही पाकिस्तान में एक अलग तरह की बहस शुरू हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में टूर्नामेंट से हटने का विकल्प पर विचार कर रहा है। इसी संदर्भ में पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात की और रणनीति पर चर्चा की। हालांकि, सरकार ने एक सप्ताह बाद अंतिम फैसला लेने की बात कही है, मगर बहिष्कार की स्थिति में पाकिस्तान को नुकसान हो सकता है। पीसीबी को कड़ी पाबंदियां, वित्तीय नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। इससे पीसीबी की आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है, जिसका संकेत क्रिकेट विश्लेषकों ने पहले भी दिया है।
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मोहम्मद यूसुफ - फोटो : PTI
यूसुफ का हुआ पोपट
यूसुफ का बयान व्यूअरशिप के मुद्दे पर बहस तो छेड़ गया, लेकिन फैक्ट-चेक ने स्पष्ट कर दिया कि तर्क गलत आंकड़ों पर आधारित था। दूसरी ओर, बांग्लादेश की सुरक्षा दावों को आईसीसी ने अस्वीकार करते हुए टूर्नामेंट आगे बढ़ा दिया है, जबकि पाकिस्तान अब भी अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। इतना ही नहीं, कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के टूर्नामेंट को बहिष्कार करने से बांग्लादेश का रास्ता खुल जाएगा और उनकी फिर से एंट्री हो सकती है। पाकिस्तान को हाईब्रिड मॉडल के तहत अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे में पाकिस्तान अगर बहिष्कार का फैसला लेता है तो उनकी जगह बांग्लादेश को शामिल कर लिया जाएगा। ऐसे में बांग्लादेश की श्रीलंका में खेलने की मांग भी पूरी हो जाएगी और पाकिस्तान के साथ खेला हो जाएगा।
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