महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अचानक हुए निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक शोक की लहर फैल गई है। इसी बीच भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी गहरे दुख में डूबे नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अजित पवार को एक समर्पित, जनता से जुड़ा और राज्य की सेवा में जुटे रहने वाला नेता बताया। सचिन के मुताबिक, अजित पवार का जाना महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है।
सचिन तेंदुलकर ने जताया दुख
सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, 'अजित पवार के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। महाराष्ट्र ने अचानक एक ऐसे अच्छे और समर्पित नेता को खो दिया है, जिन्होंने राज्य के लिए काम किया, पूरे राज्य में जनता के लिए काम किया। मैं पवार परिवार के दुख में सहभागी हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। हार्दिक संवेदनाएं। ॐ शांति।'
कैसे हुआ हादसा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लियरजेट-45 (Learjet 45, रजिस्ट्रेशन VT-SSK) विमान, जिसे निजी ऑपरेटर वीएसआर (VSR) संचालित कर रहा था, बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा बुधवार सुबह पौने नौ बजे के आसपास हुआ। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मी पहुंच गए, लेकिन किसी को जीवित नहीं बचाया जा सका।
विमान में कौन-कौन थे
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में कुल पांच लोग सवार थे। इनमें शामिल थे:
- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार
- एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO)
- एक अटेंडेंट
- पायलट-इन-कमांड
- फर्स्ट ऑफिसर
हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन शुरुआती जानकारी में ही स्पष्ट हो गया कि कोई भी जीवित नहीं बचा।
प्रारंभिक जांच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
निर्देशालय नागरिक उड्डयन (DGCA) ने इस दुर्घटना को लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं। विमान किस तकनीकी या अन्य कारण से दुर्घटनाग्रस्त हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के समय विमान ने क्रैश-लैंडिंग की और रनवे से पार जाकर टूट गया।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में सदमे की लहर फैल गई है। राज्य और केंद्र सरकार के तमाम वरिष्ठ नेता स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अजित पवार का बारामती से दशकों पुराना राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। ऐसे में यह दुर्घटना न सिर्फ राजनीतिक मोर्चे पर, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी गहरा आघात छोड़ रही है।