यह तस्वीर धोनी ने इंस्टाग्राम पर शेयर की है।
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जिमबाब्वे के साथ खेले गए तीसरे टी-20 मैच के दौरान एक उड़ती हुई गेंद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को जा लगी। लेकिन कैप्टन कूल का क्रिकेट के प्रति जुनून देखिए कि चोट लगने के बाद भी वो पीछे नहीं हटे और खेलते रहे।
ये मैच बुधवार को हरारे में खेला गया था। मेजबान टीम ने भारतीय टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था। मिडिल ओवर्स में धोनी ब्रिगेड बड़ा स्कोर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी। धोनी क्रीज पर थे। जिमबाब्वे के तेज गेंदबाज डोनाल्ड ट्रिपानो गेंदबाजी कर रहे थे। तभी ट्रिपानों की एक गेंद ऐसी पड़ी कि उछलकर धोनी की आंख में जा लगी। धोनी ने आंख में चोट लगने की बात सोशल मीडिया पर बताई।
चोट लगने के बाद भी धोनी खेलते रहे। जिमबाब्वे की टीम जब स्कोर का पीछा करने उतरी तो धोनी ही विकिट कीपिंग कर रहे थे। वे लगातार स्टंप्स के पीछे से टीम का हौसला बढ़ाते रहे और संघर्ष पू्र्ण मैच में टीम इंडिया को तीन रन से जीत हासिल हुई। भारत इसी के साथ 3 मैचों का श्रंखला 2-1 से जीत गया।
धोनी ने फेसबुक पर प्रशंसकों से दर्द किया साझा
धोनी ने मैच के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपने प्रशंसकों से दर्द साझा करते हुए बताया कि मैच के दौरान उन्होंने कितनी मुश्किलें झेली। धोनी ने अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'जब गिल्ली से लगती है तो ऐसे हाल होता है, भाग्यशाली रहा कि धुंधली दृष्टी और दर्द के साथ सिर्फ विकेटकीपिंग करनी पड़ी।'
धोनी ने दर्द के बावजूद विकेटकीपिंग की और अपनी मजबूत कप्तानी के दम पर टीम को रोमांचक मुकाबले में तीन रन से जीत दिलाई। हालांकि धोनी इस मामले में भाग्यशाली रहे क्योंकि इससे पहले 2000 में भारतीय विकेटकीपर सबा करीम, 2012 दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर मार्क बाउचर और 2015 इंग्लैंड के विकेटकीपर क्रेग कीजवेटर आंख में चोट के कारण संन्यास ले चुके हैं।