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भारत ए की कप्तानी संभालेंगे पडिक्कल: बोले- नेतृत्व पसंद, इससे बल्लेबाजी में भी मिलती है मदद; सुदर्शन से टक्कर

Sat, 12 Sep 2026 04:37 PM IST
शिवम गर्ग स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देवदत्त पडिक्कल भारत ए की कप्तानी संभालने को लेकर उत्साहित हैं। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो रेड-बॉल मैचों में वह टीम की अगुआई करेंगे। कप्तानी के साथ साई सुदर्शन से नंबर तीन की जगह के लिए भी चुनौती होगी।
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देवदत्त पडिक्कल - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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शीर्ष क्रम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल भारत ए की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने को लेकर उत्साहित हैं। उनका मानना है कि नेतृत्व का अनुभव उनकी बल्लेबाजी को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। पडिक्कल 22 सितंबर से पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो रेड-बॉल मैचों में भारत ए की अगुआई करेंगे।

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पडिक्कल ने कहा कि भारत ए की कप्तानी उनके लिए सीखने का शानदार मौका है। उन्होंने बताया कि पिछले सत्र में कर्नाटक की कप्तानी करते हुए उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला और अब वह उसी अनुभव को भारत ए के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।

कर्नाटक की कप्तानी से मिला अनुभव
पडिक्कल ने कहा "मुझे कप्तानी पसंद है। यह टीम के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने और यह सुनिश्चित करने का मौका है कि मैं टीम की मदद कर रहा हूं।" पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी की थी। इस दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता का अच्छा उदाहरण मोहाली में पंजाब के खिलाफ मुकाबले में देखने को मिला। पडिक्कल ने महज 85 गेंदों पर 120 रन की पारी खेली और कर्नाटक ने 250 रन का लक्ष्य केवल 28 ओवर में हासिल कर लिया था। इस जीत के साथ टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। पडिक्कल के मुताबिक कप्तान के तौर पर उनका सबसे बड़ा लक्ष्य टीम को जीत दिलाना होता है और यही सोच उनकी बल्लेबाजी में भी मदद करती है।

श्रीलंका दौरे के बाद भी जारी है अच्छी फॉर्म
पडिक्कल हाल ही में श्रीलंका दौरे से लौटे हैं, जहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार हासिल किया था। इसके बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी उनका बल्ला चला। चेन्नई में ईस्ट जोन के खिलाफ साउथ जोन की ओर से खेलते हुए बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 62 रन बनाए। उन्होंने कहा कि रन बनाना हमेशा अच्छा लगता है। साउथ जोन का लक्ष्य मुकाबला जीतना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि, वह अपनी पारी और क्रीज पर बिताए समय से खुश हैं और आगे भी इसी लय को जारी रखना चाहते हैं।

अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी में हो रहा बदलाव
पडिक्कल ने कहा कि लगातार अलग-अलग परिस्थितियों और मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने से उनकी बल्लेबाजी में लगातार बदलाव आ रहा है। उनके मुताबिक पिछले कुछ समय में उन्होंने तकनीकी स्तर पर काफी चीजें सीखी हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका और चेन्नई की परिस्थितियां काफी हद तक समान थीं, लेकिन आगे न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें अलग परिस्थितियों का सामना करना होगा। ऐसे में वह यह देखना चाहते हैं कि नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को कितनी अच्छी तरह ढाल पाते हैं।

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घरेलू क्रिकेट को बताया बेहद अहम
कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता और इसके लिए काफी मेहनत व प्रतिबद्धता की जरूरत होती है। पडिक्कल ने कहा कि रणजी ट्रॉफी के एक सत्र में फाइनल तक पहुंचने के लिए करीब 11 मैच खेलने पड़ते हैं। ऐसे में हर मुकाबले में लगातार प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में की गई मेहनत के बाद जब किसी खिलाड़ी को भारतीय टीम में चुना जाता है तो वह अनुभव बेहद संतोषजनक होता है।

साई सुदर्शन से होगी कड़ी टक्कर
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की टीम में फिट होकर लौटे साई सुदर्शन भी मौजूद होंगे। ऐसे में नंबर तीन की जगह के लिए पडिक्कल और सुदर्शन के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। हालांकि, पडिक्कल इस मुकाबले को लेकर ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहते। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में जगह के लिए हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है और आगे भी रहेगी। इसलिए उनका ध्यान सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर है। पडिक्कल ने साफ कहा कि जब तक वह रन बना रहे हैं, तब तक वह खुश हैं। अब भारत ए की कप्तानी के साथ उनके सामने खुद को साबित करने और न्यूजीलैंड दौरे से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का मौका होगा।
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