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भारत का न्यूजीलैंड दौरा: यशस्वी जायसवाल को वनडे में मौका क्यों नहीं? अश्विन भड़के, चयनकर्ताओं की लगाई क्लास

Sat, 17 Oct 2026 09:09 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मौका नहीं मिलने पर रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शुभमन गिल की अनुपस्थिति में जायसवाल को आखिरी दो वनडे खेलने का अवसर मिलना चाहिए था। अश्विन ने चिंता जताई कि लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने पर जायसवाल का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।
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अश्विन का बयान - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मौका नहीं मिलने पर रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। अश्विन का मानना है कि जब शुभमन गिल को सीरीज के आखिरी दो वनडे से आराम दिया गया है, तो जायसवाल को उनकी जगह खेलने का अवसर मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के कारण जायसवाल का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। अश्विन ने इसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार बताया।

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'आखिरी दो वनडे में जायसवाल को मौका मिलना चाहिए था'
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए जायसवाल को समय देना समझ में आता है, लेकिन वनडे में खेलने का मौका नहीं देना सही फैसला नहीं है। अश्विन ने कहा, 'अगर शुभमन गिल आखिरी दो वनडे नहीं खेल रहे हैं, तो उस जगह यशस्वी जायसवाल को निश्चित रूप से मौका मिलना चाहिए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि इन सब चीजों से उनका आत्मविश्वास खराब हो सकता है।'

उन्होंने आगे कहा कि वह सिर्फ जायसवाल को मौका देने की वकालत नहीं कर रहे, बल्कि उनके खेल और आत्मविश्वास पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हैं। अश्विन के मुताबिक, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने के अवसर दें।

'वह रन मशीन थे, अब आत्मविश्वास प्रभावित हो रहा है'
अश्विन ने जायसवाल के पुराने प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय वह लगातार रन बना रहे थे। ऐसे खिलाड़ी को नियमित रूप से खेलने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'वह रन मशीन थे। अगर उनका आत्मविश्वास खराब हो रहा है, तो यह टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं का काम है कि जहां भी संभव हो, उन्हें मौका दें। लेकिन उन्हें अवसर ही नहीं मिल रहे हैं। यह बहुत अन्यायपूर्ण है।'

अश्विन ने यह सुझाव भी दिया कि अगर वह चयनकर्ता या टीम प्रबंधन का हिस्सा होते, तो जायसवाल से सीधे पूछते कि क्या वह आखिरी दो वनडे खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर मैं टीम प्रबंधन या चयनकर्ताओं की जगह होता, तो यशस्वी जायसवाल से पूछता कि इन दो वनडे के लिए यह स्थिति है, क्या तुम खेलना चाहते हो? अगर खेलना चाहते हो, तो जरूर खेलो। अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने के अनुभव की कोई बराबरी नहीं है।'
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विश्व कप की तैयारी में जायसवाल की भूमिका पर सवाल
अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों का सही संयोजन तैयार करना अहम है। ऐसे में जायसवाल को वनडे टीम में पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चयन समिति के प्रमुख अजित अगरकर जायसवाल की क्षमता पर भरोसा करते थे और उन्हें वनडे टीम के अहम खिलाड़ी के रूप में तैयार करना चाहते थे। हालांकि, रोहित शर्मा और जायसवाल में से किसी एक को चुनने को लेकर संभावित मतभेद की चर्चा भी सामने आई थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अश्विन ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी करनी चाहिए, लेकिन इसका असर उनके वनडे करियर पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं सहमत हूं कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट की तैयारी करनी चाहिए। लेकिन बताइए, यशस्वी जायसवाल ने आखिरी बार वनडे कब खेला था? आखिरी बार टी20 कब खेला था? आखिरी टेस्ट मैच कब खेला था?' अश्विन ने अंत में जायसवाल को भारतीय क्रिकेट की अनमोल प्रतिभा बताते हुए कहा कि उनकी देखभाल करना चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार मौके मिलने से ही युवा खिलाड़ी अपनी लय और आत्मविश्वास बनाए रख सकते हैं।
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