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बॉल टेंपरिंग विवाद के मुख्य खलनायक वॉर्नर का बड़ा फैसला, बैन को लेकर अब ये होगी रणनीति

Thu, 05 Apr 2018 09:28 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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बॉल टेंपरिंग विवाद में आए दिन नए मोड़ आते जा रहे हैं। बुधवार को स्टीव स्मिथ ने अपने ऊपर लगे 12 महीने के बैन के खिलाफ अपील करने से इनकार कर दिया था। इसके ठीक एक दिन बाद अब गुरुवार को डेविड वॉर्नर की ओर से भी बड़ा फैसला लिया गया है। टीम के उपकप्तान रहे डेविड वॉर्नर ने भी अपने ऊपर लगे 12 महीने के बैन के खिलाफ अपील करने से इनकार कर दिया है।
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डेविड वॉर्नर ने ये साफ कर दिया है कि अब वो इस बैन के खिलाफ कोई अपील नहीं करेंगे। अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा कि, 'मैंने आज क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को सूचित कर दिया कि मैं अपनी सजा को मानते हुए इसके खिलाफ कोई अपील करने नहीं जा रहा। अपने किए पर मुझे पूरा पछतावा है। एक बेहतर दोस्त, टीममेट और आदर्श बनने के लिए पूरी कोशिश करूंगा'।
 
वॉर्नर के इस फैसले से ये साफ हो गया है कि वह अप्रैल, 2019 में ही क्रिकेट जगत में वापसी कर पाएंगे। आपको बता दें कि 5 अप्रैल सजा के खिलाफ अपील करने का आखिरी दिन था। मगर तीनों ही खिलाड़ियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। इससे पहले स्मिथ और बेनक्राफ्ट ने भी इस बैन के खिलाफ अपील न करने का फैसला किया था।
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आखिर क्या था पूरा मामला?

- फोटो : file
द. अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी केमरन बेनक्रॉफ्ट गेंद से छेड़छाड़ करते कैमरे में कैद हो गए। जांच में बॉल टेंपरिंग की घटना का मास्टर माइंड डेविड वॉर्नर को बताया गया। जिसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर को एक-एक साल की सजा और केमरन बेनक्राफ्ट को 9 महीने क्रिकेट बैन की सजा सुनाई थी।

हालांकि अगर यह तीनों क्रिकेटर अपने ऊपर लगाई गई पाबंदी को स्वीकार नहीं करते तो इस मसले की सुनवाई कोड ऑफ कंडक्ट कमिश्नर की अदालत में होती। मगर अब जब सभी ने अपील करने से इनकार कर दिया है तो  ये साफ हो गया है कि लंबे अरसे तक ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने कप्तान और उपकप्तान के बिना ही मैदान में उतरना होगा।
 
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