इंग्लैंड के बल्लेबाज जैक क्रॉली ने अपने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट करियर पर फिलहाल विराम लगाने का फैसला किया है। खराब फॉर्म के चलते इंग्लैंड की टेस्ट टीम से बाहर किए जाने के बाद क्रॉली ने काउंटी क्लब केंट के आगामी दो काउंटी चैंपियनशिप मुकाबलों से खुद को अलग कर लिया है। केंट क्रिकेट क्लब ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि क्रॉली को अगले दो काउंटी चैंपियनशिप मैचों के लिए आराम दिया गया है, ताकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा होकर सीजन के बाकी हिस्से में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
खराब फॉर्म बनी वजह
क्रॉली का प्रदर्शन इस सीजन काउंटी चैंपियनशिप में बेहद निराशाजनक रहा है। उन्होंने शुरुआती छह मैचों की 12 पारियों में सिर्फ 226 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 20.54 रहा। इस दौरान वह एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके और उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन रहा। लगातार खराब प्रदर्शन का असर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर भी पड़ा। इंग्लैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने मार्च में कहा था कि टीम में खराब प्रदर्शन के बावजूद खिलाड़ियों पर पर्याप्त जवाबदेही नहीं थी। इसके बाद क्रॉली को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह डरहम के बल्लेबाज एमिलियो गे को मौका मिला।
टी20 में दिखाई बेहतर लय
हालांकि, टी20 ब्लास्ट में क्रॉली का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। पिछले महीने उन्होंने ससेक्स के खिलाफ 41 गेंदों में नाबाद 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। अब उनका पूरा ध्यान टी20 क्रिकेट और वाइटैलिटी ब्लास्ट टूर्नामेंट पर रहेगा।
कप्तानी की भी मिल सकती है जिम्मेदारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रॉली को सनराइजर्स लीड्स की ओर से द हंड्रेड टूर्नामेंट में कप्तानी सौंपी जा सकती है। टीम के खिलाड़ी हैरी ब्रूक ने इस सीजन कप्तानी का अतिरिक्त दबाव न लेने पर सहमति जताई है, जिसके बाद क्रॉली को यह जिम्मेदारी मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है।
टेस्ट करियर पर उठे सवाल
हालांकि क्रॉली के पास सीजन के बाद फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में वापसी का विकल्प खुला है, लेकिन उनके इस फैसले ने अटकलों को भी जन्म दिया है। यदि उन्हें लगता है कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम में वापसी मुश्किल है, तो वह भविष्य में खुद को सिर्फ सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित रखने पर भी विचार कर सकते हैं। फिलहाल, इंग्लैंड के इस बल्लेबाज का पूरा फोकस टी20 क्रिकेट में अपनी खोई हुई लय हासिल करने पर है।