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देश के लिए पहले खेला चेस अब खेलेंगे क्रिकेट

Wed, 25 May 2016 04:02 PM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला,नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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क्रिकेट में पिता-पुत्र के देश के लिए खेलने के उदाहरण कई मिलेंगे, लेकिन क्रिकेट के साथ चेस जैसे खेल में देश के प्रतिनिधत्व का कारनामा किसी ने नहीं किया है।
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इतिहास की यह नई इबारत भी लिखी जानी वाली है और इस उपलब्धि का सेहरा क्रिकेट की पिच पर अपनी फिरकी से शतरंजी जाल बुनने वाले जींद (हरियाणा) के गुगली लेग स्पिनर गेंदबाज युजवेंदर चहल के सिर बंधने जा रहा है।

जिंबाबे दौरे के लिए रविवार को भारतीय टीम में चुने गए चहल चेस के नेशनल चैंपियन भी रह चुके हैं जूनियर वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधत्व भी कर चुके हैं। चहल का पहला प्यार तो क्रिकेट ही रहा, लेकिन वकील पिता यही चाहते थे कि बेटा चेस खेले।
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जब बारी दोनों में से एक को चुनने की आई तो बेटे ने क्रिकेट को चुना, लेकिन पिता ने कहा देश के लिए एक बार चेस खेल ले फिर छोड़ देना। युजवेंदर ने पिता की इस ख्वाहिश को तो पूरा दिया और अब वह माता-पिता की दूसरी इच्छा यानि की क्रिकेट में देश के प्रतिनिधत्व को भी पूरा करने जा रहे हैं।
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अमर उजाला से की बात

- फोटो : फाइल फोटो
युजवेंदर ने अमर उजाला से यही कहा कि उन्हें माता-पिता की यह इच्छा पूरी करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। फिलहाल वह अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू को आईपीएल चैंपियन बनाना चाहते हैं।

पिछले दो आईपीएल से शानदार प्रदर्शन करते आ रहे युजवेंदर को आज सुबह ही पता लगा कि जिंबाबे दौरे के लिए टीम का चयन होना है। आईपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वालों की सूची में अव्वल चल रहे युजवेंदर ने बताया कि उन्होंने यह नहीं सोचा था कि टीम में उनका चयन होगा।

उनका इस वक्त ध्यान सिर्फ आरसीबी को चैंपियन बनाने पर है। शाम को ही उन्हें टीम में चुने जाने के बारे में पता लगा तो उन्होंने माता-पिता से बात कर आशीर्वाद लिया और आस्ट्रेलिया में रहने वाली दोनों बहनों से भी बात की। खास बात यह है कि युजवेंदर से प्रेरणा लेते हुए दोनों बहनों ने भी चेस खेली और एक राज्य चैंपियन बनीं।

युजवेंदर खुलासा करते हैं कि पिता हमेशा चाहते थे कि वह चेस खेलें। अंडर-12 नेशनल चैंपियन बनने के बाद उन्हें लगा कि  क्रिकेट के लिए चेस छोड़नी होगी, लेकिन पिता ने कहा चेस में एक बार देश के लिए खेल लो। इसके बाद वह 2003 में ग्रीस में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में खेलने गए।

युजवेंदर का कहना है कि आईपीएल के बाद वह अपनी फ्लिपर और टॉप स्पिन पर काम करेंगे। उनकी कोशिश यही रहेगी कि किस तरह इन दोनों हथियारों पर नियंत्रण बनाया जाए। इसके लिए वह अपने कोच रंधीर सिंह और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मनिंदर सिंह की मदद लेंगे।
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