टीम इंडिया बल्लेबाजी के दम पर बड़े मैच जीतने का कारनामा कर रही है लेकिन इसमें युवराज सिंह का योगदान कुछ भी नहीं है।
लंबे समय बाद युवराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से टीम इंडिया में वापसी की थी। शुरुआत में उन्होंने अपने चयन को सही साबित भी किया था लेकिन वह इसे आगे जारी नहीं रख सके।
सीरीज में वह अब तक महज सात रन ही बना पाए हैं जबकि दो मैचों (मोहाली और नागपुर) में वह खाता भी नहीं खोल सके।
टी-20 में खेली थी आतिशी पारी
ऑस्ट्रेलियाई टीम की जारी भारत दौरे के पहले मैच में युवराज का बल्ला जमकर बोला था।
कंगारू टीम के खिलाफ एकमात्र ट्वंटी-20 मैच में उन्होंने महज 35 गेंदों में आठ चौके और पांच छक्के की मदद से 77 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
वनडे में बुरी तरह से फ्लॉप युवी
इसके बाद टीम इंडिया को सात मैचों की वनडे सीरीज में भी यही खेल की आस थी लेकिन बाएं हाथ का यह धाकड़ बल्लेबाज वनडे मैचों में बुरी तरह से फ्लॉप रहा।
सीरीज के छह मैच खेले जा चुके हैं जिसमें वह तीन बार बल्लेबाजी को क्रीज पर उतरे और एक बार भी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके।
सीरीज का पहला मैच पुणे में खेला गया और वह उस मैच में सात रन ही बना पाए थे। अगला मैच जयपुर में हुआ लेकिन उन्हें क्रीज पर आने का मौका ही नहीं मिला।
रांची वनडे में भी युवराज क्रीज पर नहीं उतर सके क्योंकि बारिश के कारण मैच पूरा नहीं खेला जा सका था। जबकि कटक वनडे बारिश से धुल गया था।
जॉनसन को नहीं खेल पा रहे
हालांकि पुणे के अलावा उन्हें मोहाली (तीसरा वनडे) और नागपुर (छठा वनडे) में क्रीज पर उतरने का मौका मिला लेकिन वह पहली ही गेंद पर विकेटकीपर ब्रैड हैडिन को कैच थमा बैठे।
दिलचस्प यह है कि सीरीज में तीनों ही मौकों पर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने युवराज सिंह को अपना शिकार बनाया।