आईपीएल के पिछले संस्करण में दिल्ली डेयरडेविल्स ने अपनी छाप छोड़ने के लिए क्या नहीं किया। दिग्गज विव रिचर्ड्स को बुलाया, गैरी कर्स्टन की सेवाएं लीं, लेकिन स्थान आठवां और अंतिम रहा।
पिछली बार के कड़वे के अनुभव को कोच गैरी कर्स्टन भुलाना चाहते हैं। वह साफ करते हैं कि पिछले अनुभव से उन्होंने काफी कुछ सीखा। इस बार पुराने अनुभवी और युवाओं से मिलकर संतुलित टीम उनके पास है। उन्हें भरोसा है कि डेयरडेविल्स इस बार आईपीएल में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेगी।
कर्स्टन खुलासा करते हैं कि जहीर खान इस बार दोहरी भूमिका में रहेंगे। वह न सिर्फ आईपीएल में खेलेंगे, बल्कि टीम के मेंटर की भी भूमिका निभाएंगे। कर्स्टन कहते हैं कि भले ही जहीर 36 के हो गए हों, लेकिन उनमें खेलने की न सिर्फ इच्छा शक्ति है बल्कि उनका अनुभव पूरी टीम के काफी काम आएगा।
बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह को अपनी रणनीति में शामिल किए जाने पर कर्स्टन का जवाब था कि उनका शानदार घरेलू सत्र उन्हें लेने का सबसे बड़ा कारण है। उन्हें उम्मीद है कि उनका यह प्रदर्शन आईपीएल में भी देखने को मिलेगा।
भारतीय खिलाड़ियों से घुले मिले हैं डुमिनी
जेपी डुमिनी को कप्तान बनाए जाने पर कर्स्टन कहते हैं कि एक तो वह टी-20 में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैं। वह पहले भी डेयरडेविल्स से खेले हैं। फिर सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी भारतीय खिलाड़ियों से काफी छनती है। दोनों एक दूसरे को जानते हैं। उन्हें कप्तान बनाए जाने के पक्ष में यही बात गई है।
चलेंगे दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी
वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका का भले ही दिल टूट गया हो, लेकिन कर्स्टन को उम्मीद है कि टीम में शामिल 5 दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी आईपीएल में खूब चलेंगे। जेपी डुमिनी के अलावा क्विंटन डि कॉक और इमरान ताहिर डेयरडेविल्स का हिस्सा हैं। कर्स्टन कहते हैं कि आईपीएल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग है, इसलिए वर्ल्ड कप का असर खिलाड़ियों पर आईपीएल में नहीं दिखेगा।