यॉर्कशायर कॉउंटी क्रिकेट क्लब से शुरू हुआ नस्लभेदी टिप्पणी (रेसिज़्म) का मामला अब लगातार बढ़ता ही जा रहा है।भारत के स्टार टेस्ट बल्लेबाज और शांतचित माने जाने वाले चेतेश्वर पुजारा भी इसका शिकार हो चुके हैं।
इंग्लैंड क्रिकेट में इस वक्त नस्लभेदी टिप्पणी (रेसिज़्म) का मामला तूल पकड़ा हुआ है। यॉर्कशायर कॉउंटी क्रिकेट क्लब से शुरू हुआ यह विवाद अब लगातार बढ़ता ही जा रहा है। भारत के स्टार टेस्ट बल्लेबाज और शांतचित माने जाने वाले चेतेश्वर पुजारा भी इसका शिकार हो चुके हैं। पुजारा को साल 2015 में इंग्लैंड में नस्लभेद का सामना करना पड़ा था। यॉर्कशायर के लिए खेलने वाले पुजारा के साथी खिलाड़ी उनका नाम स्पष्ट तरीके से नहीं बोल पाते थे और इस वजह से उन्हें 'स्टीव' नाम से पुकारकर उनका मजाक उड़ाते थे।
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अब यह पूरा मामला 6 साल बाद सामने आया है जिसके बाद नस्लीय टिप्पणी करने वाले इंग्लैंड के क्रिकेटर जैक ब्रूक्स ने पुजारा से माफी मांगी है। ब्रूक्स अब समरसेट के लिए खेलते हैं, लेकिन 2015 में वह यॉर्कशायर क्रिकेट क्लब के साथ अपने पहले कार्यकाल के दौरान पुजारा के साथी थे।
ब्रूक्स ने एक बयान जारी कर कहा कि वह तब इसे नस्लवादी नहीं मानते थे। उन्होंने कहा, 'हां यह पुजारा के साथ हुआ है। हम उनके पंथ या नस्ल की परवाह किए बिना उपनाम दे देते थे। मैंने भी यह गलती की है। मैं इसे स्वीकार करता हूं। ऐसा करना अपमानजनक और गलत था। मैंने चेतेश्वर से संपर्क किया और उनसे और उनके परिवार से मेरे द्वारा किए गए अपराध के लिए माफी मांगी है। उस समय मैं इसे नस्लवादी नहीं मानता था, लेकिन अब यह स्वीकार्य नहीं है।'
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गौरतलब है कि ब्रूक्स इस शब्द का उपयोग करने के अलावा, अपने नस्लवादी ट्वीट्स के लिए भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि, उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया है, लेकिन उनके ट्वीट्स सार्वजनिक हैं।