इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टियर कुक ने भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में किए गए प्रदर्शन को लेकर सराहना की है। यशस्वी ने दूसरी पारी में शतक जड़ा था। कुक इस बात से भी प्रभावित हुए हैं कि किस तरह यशस्वी ने मैच के दौरान मिचेल स्टार्क की स्लेजिंग की थी।
यशस्वी ने बल्लेबाजी के दौरान ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज स्टार्क से कहा था कि वह काफी धीमी गेंदबाजी कर रहे हैं। यशस्वी का स्टार्क को स्लेजिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और इसने काफी सुर्खियां बटोरी थी। यशस्वी को स्टार्क ने पहली पारी में शून्य पर आउट कर दिया था, लेकिन दूसरी पारी में इस 22 वर्षीय बल्लेबाज ने दम दिखाया था और शतक जड़ा था। यशस्वी ने 297 गेंदों पर 161 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण के सामने टिक गए थे।
यशस्वी ने स्टार्क की थी स्लेजिंग
कुक ने कहा, उस समय में यशस्वी ने स्टार्क की स्लेजिंग की जब उन्होंने शायद 100 रन नहीं बनाए थे। उन्होंने स्टार्क से कहा कि वह धीमे गेंदबाजी कर रहे हैं। मैंने भी स्टार्क का सामना किया है और वह धीमे गेंदबाजी नहीं करते हैं। अगर वह ऐसा करते भी तो मैं अपना मुंह बन रखता, लेकिन इस 22 वर्षीय बल्लेबाज का आत्मविश्वास गजब का था। मुझे लगता है कि 15 टेस्ट मैचों बाद शीर्ष क्रम पर भारतीय बल्लेबाजों में सर्वाधिक रन बनाए हैं। यह बल्लेबाजी के लिए कठिन स्थान है, लेकिन यशस्वी क्लासी खिलाड़ी हैं।
पर्थ टेस्ट में भारत ने वापसी करते हुए जीत दर्ज की थी। भारतीय टीम पहली पारी में 150 रन पर ऑलआउट हो गई थी, लेकिन जसप्रीत बुमराह की अगुआई में गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था और ऑस्ट्रेलिया को 135 रन पर समेट कर मामूली बढ़त हासिल कर ली थी। फिर यशस्वी और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए 200 रन से अधिक की साझेदारी कर भारत की मैच में वापसी कराई थी।
कुक ने भारतीय टीम को बताया साहसी
कुक का मानना है कि रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी के बिना खेलना और ऑस्ट्रेलिया में बेहद दबाव वाली सीरीज के पहले टेस्ट में पहले बल्लेबाजी करना इस बात का प्रतीक है कि भारतीय टीम साहसी और किसी भी परिस्थिति में जीतने की अपनी क्षमता को लेकर बेहद आश्वस्त है। उन्होंने कहा, मैंने सोचा कि भारत बहुत साहसी है। वे टॉस जीतते हैं और उस विकेट पर बल्लेबाजी करते हैं, आप देखते हैं कि भले ही उन्होंने सिर्फ 150 रन बनाए, फिर भी वे सोचते हैं हम ऑस्ट्रेलिया को वहां पर हराएंगे। हम जानते हैं कि यह कठिन होने वाला है लेकिन हमें लगता है कि यह केवल दोनों टीम के लिए कठिन होगा।
सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को एकादश से बाहर रखने के फैसले पर कुक ने कहा, जरा सोचिए कि वे कितने बहादुर थे? उन्होंने अश्विन को नहीं खिलाया जिसने 500 टेस्ट विकेट लिए हैं। मुझे लगा कि अश्विन बेहतरीन होंगे लेकिन आप जानते हैं, उनकी सोच शानदार थी। क्या यह देखना अच्छा नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया को हराया गया?