अपने घर में साल 2013 से शुरू हुए सिलसिले में भारत ने कोई टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई है। भारत अपने घर में 4311 दिनों से कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारा है। यह अन्य किसी भी देशों से काफी ज्यादा है। साल 2016 से टेस्ट में भारत ने 86 मुकाबले खेले हैं और 53 मैच जीते हैं और 21 मैच हारे हैं। इस दौरान 12 मैच ड्रॉ रहे हैं। भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 61.6% इस दौरान सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर इंग्लैंड है। उसने साल 2016 से अब तक 111 टेस्ट खेले हैं और 52 जीते हैं। उसने 44 मैच गंवाए हैं और 15 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। इंग्लैंड का जीत प्रतिशत 46.8 का है।
यशस्वी जायसवाल ने भी सुनील गावस्कर का 53 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने इस साल टेस्ट में 929 रन बनाए हैं। वह 23 साल के होने से पहले एक कैलेंडर ईयर मं सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड गावस्कर के नाम था। गावस्कर ने 1971 में 918 रन बनाए थे।
वहीं, यशस्वी ने कानपुर टेस्ट की दोनों पारियों में 50+ रन बनाए और वह भी 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से। इससे पहले सिर्फ भारतीय बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग ने ही किसी एक टेस्ट की दोनों पारियों में 100 या इससे ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। सहवाग ने 2011 में दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में 46 गेंद में 55 रन और दूसरी पारी में 55 गेंद में 55 रन बनाए थे। वहीं, यशस्वी ने कानपुर में पहली पारी में 51 गेंद में 72 रन और दूसरी पारी में 45 गेंद में 51 रन बनाए।
वहीं, रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतने के मामले में महान मुथैया मुरलीधरन की बराबरी कर ली। दोनों ने 11-11 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता है। मैच की बात करें तो भारत ने बांग्लादेश को कानपुर टेस्ट में सात विकेट से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली है। टीम इंडिया को 95 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे रोहित एंड कंपनी ने तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 233 रन बनाए थे।
टेस्ट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड
| खिलाड़ी |
कितनी बार |
| मुथैया मुरलीधरन |
11 |
| रविचंद्रन अश्विन |
11 |
| जैक कैलिस |
9 |
| सर रिचर्ड हैडली |
8 |
| इमरान खान |
8 |
| शेन वॉर्न |
8 |
जवाब में भारत ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 285 रन बनाकर घोषित कर दी थी। भारत को तब 52 रन की बढ़त मिली थी। दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम ने 146 रन बनाए और भारत के सामने 95 रन का लक्ष्य दिया था। टेस्ट में आधिकारिक तौर पर एक दिन में 90 ओवर फेंके जाते हैं। बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 74.2 ओवर, भारत ने अपनी पहली पारी में 34.4 ओवर, बांग्लादेश ने अपनी दूसरी पारी में 47 ओवर और भारत ने अपनी दूसरी पारी में 17.2 ओवर खेले। इन सभी को मिला दें तो लगभग 174 ओवर बनते हैं और यह दो दिन के कुल ओवरों (180) से भी कम है।