1. कप्तान रोहित शर्मा
रोहित शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय टीम की हार के सबसे बड़े गुनहगार कप्तान रोहित शर्मा हैं। क्रिकेट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि चौथी पारी में बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल होता है। इसके बावजूद रोहित ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। इसके बाद दुनिया के नंबर वन स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को नहीं खिलाने का फैसला समझ से परे रहा। इसकी तो सुनील गावस्कर से लेकर सौरव गांगुली तक ने आलोचना की। रोहित ने गेंदबाजों का भी सही रोटेशन नहीं किया और पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को रन बनाने दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि पहली पारी में ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ रन बनाते गए। वहीं, दूसरी पारी में एलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क खुलकर शॉट्स खेलते गए। रोहित शर्मा के बल्ले से रन भी नहीं निकला। पहली पारी में वह 15 और दूसरी पारी में 43 रन बनाकर आउट हुए। पिछले पांच आईसीसी नॉकआउट मैचों में रोहित का बल्ला नहीं चला है।
2. चेतेश्वर पुजारा
चेतेश्वर पुजारा
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चेतेश्वर पुजारा से टीम इंडिया को सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं। यह खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा नहीं है और इस समय का इस्तेमाल वह इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेलने में करते हैं। काउंटी में ससेक्स की कप्तानी करते हुए पुजारा ने खूब रन बनाए। 2022 काउंटी सीजन में उन्होंने आठ मैचों में 1094 रन बनाए थे। वहीं, इस सीजन चार पारियों में तीन शतक जड़ दिए थे। इसके अलावा उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड में ही वनडे कप में नौ मैचों में 89.14 की औसत और 111 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए। इनमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, इन सबके बावजूद वह फाइनल में फेल रहे। जनवरी 2019 के बाद से पुजारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 टेस्ट में 29 की मामूली सी औसत से रन बनाए हैं।
3. शुभमन गिल
शुभमन गिल और कैमरन ग्रीन का कैच
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भारतीय टीम के भविष्य माने जा रहे शुभमन गिल का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दोनों पारियों में उनसे अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहली पारी में शुभमन 13 रन और दूसरी पारी में 18 रन बनाकर आउट हुए। यह इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि शुभमन ने आईपीएल 2023 में अच्छी बल्लेबाजी की थी और लीग के टॉप स्कोरर रहे थे। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर फेल होने से टीम इंडिया को जरूर धक्का लगा।
4. केएस भरत
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
- फोटो : अमर उजाला
ऋषभ पंत के चोटिल होने से इस साल केएस भरत के लिए जरूर टीम इंडिया के दरवाजे खुले। हालांकि, अब तक वह इसके साथ न्याय नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अब तक पांच टेस्ट की आठ पारियों में 18.43 की औसत से सिर्फ 129 रन बना सके हैं। इसमें एक भी अर्धशतक नहीं है। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए हम सब देख चुके हैं कि पंत क्या कर सकते हैं। भरत से भी वैसे ही प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
5. राहुल द्रविड़
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
- फोटो : अमर उजाला
लगातार दो वर्षों में भारतीय टीम आईसीसी के दो टूर्नामेंट्स में नॉकआउट में हार गई। 2022 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, अब WTC फाइनल में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों टूर्नामेंट्स में भारत के कोच राहुल द्रविड़ रहे। अब उन पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ओवल की ग्राउंड को न पढ़ पाना और टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसले के पीछे उनका भी कॉल था। इतना ही नहीं जहां आखिरी के कुछ दिनों में स्पिन को मदद मिली और नाथन लियोन ने चौथी पारी में चार, रवींद्र जडेजा ने तीसरी पारी में तीन विकेट लिए, वहां दुनिया के नंबर वन स्पिनर अश्विन को द्रविड़ ने बेंच पर बैठाने का फैसला लिया। खराब प्रदर्शन के बावजूद केएस भरत को लगातार टीम में बनाए रखना भी सवालों के घेरे में आता है। द्रविड़ के डिफेंसिव अप्रोच से टीम इंडिया को नुकसान जरूर हुआ है।
6. भारतीय गेंदबाजों की पहले दिन खराब गेंदबाजी
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
- फोटो : अमर उजाला
टेस्ट की शुरुआत टीम इंडिया ने शानदार अंदाज में की थी और पहले दिन शुरुआती ढाई घंटे में ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट ले लिए थे। हालांकि, इसके बाद भारतीय गेंदबाजों की लाइन लेंथ बिगड़ती गई और वह प्लान से भटक गए। मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज से लेकर उमेश यादव तक गलत लाइन लेंथ पर गेंदबाजी करते रहे और इसका फायदा ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ ने उठाया। दोनों ने पहले दिन 251 रन की साझेदारी कर डाली और कुल 285 रन की साझेदारी की। यहीं से मैच पलट गया। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया द्वारा बनाए गए 469 रन का भारत के पास कोई जवाब नहीं था। पहली पारी में ही टीम इंडिया बैकफुट पर चली गई थी।
7. गलत शॉट खेलकर आउट होना
रोहित शर्मा और पुजारा कुछ इस तरह आउट हुए
- फोटो : ICC
ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी 469 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम 296 रन बना सकी। तब ऑस्ट्रेलिया को 173 रन की लीड मिली थी। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 270 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। 444 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने चेज की शुरुआत शानदार अंदाज में की। हालांकि, कप्तान रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे समेत तमाम बल्लेबाज खराब शॉट खेलकर आउट होते गए। जहां रोहित शर्मा लियोन को स्विप शॉट मारने गए, जो कि वह बेहद कम खेलते हैं, वहीं पुजारा शॉर्ट बॉल पर अपर कट लगाने गए। दोनों ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का शिकार बने। कोहली ने दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाजी की और शुरुआत में ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ा, लेकिन पांचवें दिन वह वही गलती कर बैठे जो पिछले 10 वर्षों से कर रहे थे। वह चौथे स्टंप की गेंद पर बल्ला अड़ा बैठे और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में स्मिथ के पास चली गई। वहीं, रहाणे ने भी गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया।
8. आईपीएल
विराट कोहली और रोहित शर्मा
- फोटो : IPL/BCCI
आईपीएल भी भारतीय टीम की हार का सबसे बड़ा गुनहगार रहा। जहां एक तरफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने वाली ऑस्ट्रेलियाई प्लेइंग-11 के सिर्फ दो खिलाड़ी (वॉर्नर, ग्रीन) आईपीएल में खेले थे, वहीं दूसरी तरफ पूरी भारतीय टीम आईपीएल खेलने में व्यस्त थी। ऐसे में टीम काफी देरी से इंग्लैंड पहुंची और तैयारियों का मौका नहीं मिला। रोहित, कोहली तो सिर्फ छह-सात दिन पहले इंग्लैंड पहुंचे। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों ने WTC फाइनल जैसे टूर्नामेंट को हल्के में लिया और उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा।
हार्दिक पांड्या के न खेलने से भी नुकसान
हार्दिक पांड्या
- फोटो : IPL/BCCI
भारत को फाइनल में पंत, राहुल, बुमराह और श्रेयस की कमी तो खली ही, साथ ही टीम को एक बैटिंग ऑलराउंडर की भी कमी खली। शार्दुल ने जरूर अर्धशतक लगाया, लेकिन जब आपके पास हार्दिक जैसा प्लेयर हो तो उनका नहीं खेलना चुभता है। सर्जरी के बाद से हार्दिक टेस्ट क्रिकेट से दूर हो गए हैं। उन्होंने संन्यास नहीं लिया है, लेकिन वह खेल भी नहीं रहे। ऐसे में टीम इंडिया को उमेश यादव या शार्दुल के रूप में एक एक्स्ट्रा पेसर खिलाना पड़ रहा। हार्दिक के होने से टीम इंडिया को बल्लेबाजी में भी मदद मिलती।