दो वर्ष के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 12 सदस्य देशों की शीर्ष नौ टीमों के बीच मुकाबले होंगे। हर सीरीज में 120 अंक आबंटित किए गए। हर टीम को शेष आठ में से छह अन्य टीमों के साथ खेलना था, जिसमें तीन मैच घरेलू मैदान और इतने ही मैच प्रतिद्वंद्वी के मैदान पर खेलने थे। शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंची थी। बेशक नौ टीमों ने मैच बराबर न खेले हो लेकिन सीरीज बराबर संख्या में खेलनी थी। कोरोना महामारी के कारण कई सीरीज स्थगित हो गईं। ऐसे में आईसीसी ने जीत प्रतिशत निकाला था।