भारत में खेले जा रहे टी-वर्ल्ड कप के नॉकऑउट मुकाबले कुछ दिन में ही शुरू होने वाले हैं लेकिन सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए दिल्ली पर छाए संकट के बादल छंट गए हैं और बीसीसीआई शर्मसार होने से बच गई।
टी-20 वर्ल्ड कप के दिल्ली में होने वाले पुरुष और महिला सेमीफाइनल मुकाबलों को लेकर सारे कयास खत्म हो गए हैं। आईसीसी ने बुधवार को पहले से तय स्थलों में कोई फेरबदल नहीं करने का फैसला लिया।
फिरोजशाह कोटला में 30 को टूर्नामेंट का सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। कोटला के आरपी मेहरा ब्लॉक के लिए डीडीसीए को क्लिरियेंस मिल गई है। पहले स्टेडियम को अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने से सेमीफाइनल मैच पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। डीडीसीए को आज दोपहर 2 बजे तक क्लिरियेंस हासिल करने के लिए अंतिम समयसीमा निर्धारित की गई थी। यह क्लिरियेंस सुप्रीम कोर्ट की ओर से जस्टिस (रिटायर्ड) मुकुल मुद्गल को डीडीसीए का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था के साथ अधिकारियों की बैठक के बाद आया है।
आईसीसी की इस बाबत बस यही शिकायत रही कि इससे मैचों के प्रसारण के समय जब कैमरा इस ब्लॉक को दर्शाता है तो यह अच्छा नहीं दिखता है। दरअसल सारा विवाद ओल्ड क्लब हाउस के आरपी मेहरा ब्लॉक को लेकर है। कोटला में मैच के आयोजन के लिए एसडीएमसी और एएसआई जैसी सभी एजेंसियों से ओल्ड क्लब हाउस को छोड़ कर बाकी के लिए डीडीसीए एनओसी मिल गई थी। मुदगल की पैरवी पर ही अदालत से इस ब्लॉक में केवल टी-20 वर्ल्ड कप के लिए मीडिया और प्रसारणकर्ताओं की जरूरत को ध्यान में रखकर उन्हें इसमें बैठने की इजाजत मिल पाई है।
इससे पहले आईसीसी और बीसीसीआई के बीच मंगलवार की रात काफी देर तक चले मंथन में दिल्ली के सेमीफाइनल मुकाबलों को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं निकल पाया था। कुछ पक्षों का मानना था कि अगर सेमीफाइनल मुकाबलों को टूर्नामेंट की इस स्टेज पर बदला जाता है तो क्रिकेटप्रेमियों से लेकर हर किसी को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं आईसीसी यह भी मानता है कि फिरोजशाह कोटला के क्लब हाउस जैसे स्टैंड को खाली छोड़ा गया तो उन्हें प्रायोजकों को मोटा हर्जाना देना पड़ सकता है। इन्हीं सारी बातों को लेकर सेमीफाइनल के स्थानांतरण के मद्देनजर मंगलवार को फैसला नहीं लिया जा सका।
दिलचस्प बात यह रही कि आईसीसी ने इस फैसले से पहले ही मुंबई सेमीफाइनल के टिकटों की बिक्री सोमवार से शुरू करा दी थी लेकिन दिल्ली के सेमीफाइनल पर अब तक टिकटों की बिक्री बंद करके रखी थी।