भारतीय टीम की विश्व कप जीत में केरल का खास संयोग जुड़ा रहा है। 1983 से लेकर 2026 तक हर खिताबी टीम में एक केरल खिलाड़ी रहा, जिसमें 2026 में संजू सैमसन भारत की जीत के हीरो बने।
क्रिकेट को भले ही आंकड़ों का खेल कहा जाता है, लेकिन कई बार इसमें ऐसे दिलचस्प संयोग भी देखने को मिलते हैं जो फैंस को हैरान कर देते हैं। भारतीय क्रिकेट में भी एक ऐसा ही खास संयोग सामने आया है। भारत ने अब तक कुल पांच बार विश्व कप खिताब जीता है और हर बार टीम में केरल का एक खिलाड़ी जरूर शामिल रहा है। जब भी भारत ने पुरुषों का विश्व कप जीता, टीम में एक मलयाली खिलाड़ी मौजूद रहा।
1983 वनडे विश्व कप: सुनील वाल्सन
इस अनोखे पैटर्न की शुरुआत 1983 के क्रिकेट विश्व कप से हुई थी। उस ऐतिहासिक जीत में कपिल देव की कप्तानी वाली टीम में केरल के तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन शामिल थे। हालांकि, उन्हें पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन वे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे।
श्रीसंत और युवराज सिंह
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2007 टी20 विश्व कप: एस. श्रीसंत
इसके बाद भारत ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर लगभग ढाई दशक के वर्ल्ड कप सूखे को खत्म किया। उस टीम में केरल के तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत शामिल थे। श्रीसंत ने न केवल टीम में जगह बनाई बल्कि खिताबी मुकाबले में आखिरी गेंद पर मिस्बाह-उल-हक का अहम कैच लेकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।
एस. श्रीसंत
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2011 वनडे विश्व कप: एस. श्रीसंत
2011 के वनडे विश्व कप की विजेता भारतीय टीम में भी श्रीसंत शामिल थे। इसके बाद से फैंस उन्हें भारत का 'मलयाली लकी चार्म' कहने लगे। पहली बार टूर्नामेंट जीतने के 28 साल बाद भारत ने 2011 में वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। भारत ने श्रीलंका को अपने घर में छह विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
संजू सैमसन
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2024 टी20 विश्व कप: संजू सैमसन
साल 2024 में भारत ने दूसरी बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया। उस टीम में केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन शामिल थे। हालांकि, उस संस्करण में सैमसन को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन वे विजेता टीम का हिस्सा रहे।
2026 टी20 विश्व कप: संजू सैमसन
टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने इस 'केरल कनेक्शन' को और मजबूत कर दिया। टूर्नामेंट की शुरुआती दो पारियों में वे ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की और भारत की जीत के हीरो बन गए। भारत ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार खिताब जीत लिया है। टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कोई भी टीम खिताब का बचाव नहीं कर सकी थी, लेकिन भारत ने यह कारनामा करके दिखाया।