वर्ल्ड कप 2019 का फॉर्मेट काफी अलग है। वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास में दूसरी बार राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट से मैच खेले जा रहे हैं। इससे पहले 1992 में हुआ वर्ल्ड कप भी इसी राउंड रॉबिन फॉर्मेट से खेला गया था। तब भारतीय टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी।
आईपीएल भी इसी नियम के तर्ज पर होता है। जहां हर टीम एक-एक बार एक दूसरे से भिड़ती है। सारे मैच खत्म होने के बाद जो चार टीमें प्वॉइंट टेबल के शीर्ष पर रहेंगी, वो सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएंगी, लेकिन यहां पर आपको ये जानना भी जरूरी है कि सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने के लिए टीमों को कितने मैच जीतने जरूरी हैं।