इंग्लैंड की टीम ने रविवार को लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबला टाई रहा था, इसके बाद सुपर ओवर हुआ, वो भी टाई पर ही खत्म हुआ। ऐसे में आईसीसी का नियम के तहत इंग्लैंड को ज्यादा बाउंड्री के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया। अंत तक इंग्लैंड की जीत के लिए मैदान पर डटे रहे ऑलराउंडर खिलाड़ी बेन स्टोक्स, इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे।
बेन स्टोक्स बेशक आज इंग्लैंड के नागरिक हैं और वहीं की टीम से खेलते हैं लेकिन उनका जन्म न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुआ था। उनका परिवार आज भी वहीं रहता है। जब इंग्लैंड की टीम ने न्यूजीलैंड को फाइनल में हराया तो उसके बाद स्टोक्स के पिता जेरार्ड स्टोक्स ने वहां एक स्थानीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि, 'आज न्यूजीलैंड में जितने पिता हैं, उनमें से सबसे ज्यादा नफरत मुझसे की जा रही होगी। मेरे लिए तो दोनों तरफ ही बराबर थे।'
इसके अलावा स्टोक्स के पिता ने ये भी कहा कि वह न्यूजीलैंड की हार से बेहद निराश हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुख की बात है कि न्यूजीलैंड को ट्रॉफी के बिना देश लौटना पड़ा। मैं आज भी न्यूजीलैंड का ही समर्थक हूं। स्टोक्स के पिता ने कहा कि मैं चाहता था कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाए।
बेन स्टोक्स ने नाबाद 84 रनों की पारी खेली और टीम को टाई तक ले गए। इसके बाद सुपर ओवर में भी वो बल्लेबाजी करने उतरे और वहां भी 8 रन का योगदान दिया। वो मैन ऑफ द मैच रहे। उनके पिता ने कहा कि स्टोक्स ने अपने करियर में बहुत उतार चढ़ाव देखें हैं। वर्ल्ड कप में उसे एक ऐसा मंच मिला जहां वह अपनी प्रतिभा को दिखा पाया।