भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। टीम के दो अहम खिलाड़ी सीरीज की शुरुआत से पहले चोटिल हो गए हैं। इनमें कप्तान राहुल का भी नाम शामिल है, जिनकी जगह ऋषभ पंत को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहला मौका नहीं है, जब किसी सीरीज से पहले भारत के खिलाड़ी चोटिल हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका दौरे से ठीक पहले भी भारत के कप्तान रोहित शर्मा और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा चोटिल हो गए थे। जडेजा इस सीरीज में भी चोट के चलते बाहर हैं।
भारत की मौजूदा टीम के शुरुआती पांच बल्लेबाजों की बात करें तो सिर्फ ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जो पिछले कुछ समय में टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। वहीं, टीम में सिर्फ चार-पांच खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जो भारत की टी20 टीम की पहली पसंद हैं। टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा से लेकर विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूदा टीम में नहीं हैं। ऐसे में बीसीसीआई के वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टी20 में ये खिलाड़ी हैं चयनकर्ताओं की पहली पसंद
रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर/सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, हर्षल पटेल, युजवेन्द्र चहल।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की मौजूदा टीम
ऋतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, आवेश खान, युजवेंद्र चहल, दीपक हुड्डा, वेंकटेश अय्यर, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, उमरान मलिक।
भारत की मौजूद टीम में सिर्फ पांच खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जो टी20 में चयनकर्ताओं की पहली पसंद हो सकते हैं। बाकी छह खिलाड़ियों के लिए यह सीरीज टीम में जगह बनाने के लिए एक मौके की तरह है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दक्षिण अफ्रीका जैसे टीम के खिलाफ प्लेइंग 11 में छह युवा या वापसी कर रहे खिलाड़ियों को मौका देना उचित है। क्योंकि अफ्रीका की टीम भारतीय जमीन पर अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। वहीं, अगर युवा खिलाड़ी टी20 सीरीज खेलेंगे तो विश्वकप में सीधे सीनियर खिलाड़ियों को मौका क्यों? मौका मिलने पर भी प्रदर्शन अच्छा न रहने पर हार का ठीकरा सीनियर खिलाड़ियों पर ही फोड़ा जाता है।