भारतीय उपकप्तान ने कहा, जब मैं रन नहीं बनाती हूं, तब मुझे बहुत अफसोस होता है। बतौर क्रिकेटर आप हमेशा रनों की तलाश में लगे रहते हो। मैदान पर अपना 200 प्रतिशत देने के बाद भी जब आप अपनी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाते हो, तो इससे बुरा और कुछ भी नहीं है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुलासा करते हुए कहा कि खराब फॉर्म से जूझने के बाद वह अपने निजी जीवन में भी आत्मविश्वास की कमी महसूस करने लगी थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम चार मैचों के दौरान जब प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था।
विज्ञापन
तब टीम के साथ यात्रा कर रहीं खेल मनोवैज्ञानिक डॉ. मुग्धा बवारे ने मदद की। वह मेरे पास आईं और उन्होंने रन न बनने के विषय में बात की। मुझे बताया कि कैसे इस स्थिति से बाहर निकल सकती हूं। उन्होंने बात कर बेहतर महसूस करने लगी। मुझे अपनी समस्याओं के समाधान मिलने लगे। उनके सकारात्मक विचार के साथ अब विश्व कप में उतरूंगी।
भारतीय उपकप्तान ने कहा, जब मैं रन नहीं बनाती हूं, तब मुझे बहुत अफसोस होता है। बतौर क्रिकेटर आप हमेशा रनों की तलाश में लगे रहते हो। मैदान पर अपना 200 प्रतिशत देने के बाद भी जब आप अपनी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाते हो, तो इससे बुरा और कुछ भी नहीं है। जब यह सब हो रहा था, तब मुग्धा मैम और मेरे परिवार ने बहुत साथ दिया और यह सभी चीज़ें मेरे काम आई।
विज्ञापन
21 मैचों बनाए हैं सिर्फ 444 रन
वरिष्ठ बल्लेबाज हरमनप्रीत पिछले कुछ वर्षों से वनडे क्रिकेट में खराब फॉर्म से जूझती नजर आईं हैं। 2019 की शुरुआत से 21 मैचों में केवल दो अर्धशतकों के साथ हरमनप्रीत ने 444 रन बनाए हैं। विश्व कप से पहले मेज़बान न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ में भी उन्होंने 10, 10 और 13 के स्कोर बनाने के बाद अंतिम वनडे में 63 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद विश्व कप के अभ्यास मैच में हरमनप्रीत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 104 रन की पारी खेलकर अपने फॉर्म को बरकरार रखा।
2017 के बाद से सिर्फ 28.75 की औसत से बनाए रन
2017 के विश्व कप सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रनों की नाबाद पारी के बाद से हरमनप्रीत का बल्ला शांत रहा है। इस वजह से उनकी आलोचना भी हुई है। हालिया समय में पूर्व भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी ने कहा था कि उस पारी के दम पर हरमनप्रीत ज़्यादा समय तक टीम में अपनी जगह कायम नहीं रख सकती हैं।
उस पारी के बाद से हरमनप्रीत ने केवल 28.75 की औसत से रन बनाए हैं। इस बारे में उनका कहना है कि 171 की उस पारी के बाद उन्होंने लोगों की उम्मीदों को इतना बढ़ा दिया है कि अब उनकी छोटी और महत्वपूर्ण पारियों को उतना श्रेय नहीं दिया जा रहा है।