टीम इंडिया के विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग पिछले कुछ महीनों में दूसरी बार टीम से बाहर किए गए हैं। दोनों बार उनको बाहर करने का कारण उनका खराब प्रदर्शन था।
इससे पहले उन्हें दिसंबर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले दो मैच में फ्लॉप होने के बाद टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।
इस दौरान भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ 1 और इंग्लैंड के खिलाफ 5 वनडे मैचों की सीरीज खेली। इन 6 वनडे मैचों में भारत को 5 में जीत मिली थी।
टीम से बाहर होने पर भी नहीं सुधरते सहवाग
सहवाग जब टीम से बाहर हुए तो उनके पास इरानी ट्रॉफी में प्रदर्शन कर अपने फॉर्म को वापस पाने का मौका था। इरानी ट्रॉफी में सहवाग के पास शेष भारत की कप्तानी थी। मैच से ठीक पहले सहवाग ने पेट दर्द की शिकायत के बाद टीम से नाम वापस ले लिया।
आलोचकों के मुताबिक सहवाग को पता था कि वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम में शामिल थे इसलिए वो इरानी ट्रॉफी में थकना नहीं चाह रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज शुरू होने से पहले जहां टीम के दिग्गज बल्लेबाज सचिन, ओपनर मुरली विजय, रैना और शिखर धवन जैसे खिलाड़ी लगातार घरेलू क्रिकेट खेल अपने आप को निखारा वहीं सहवाग नेट पर ही प्रेक्टिस करते रहे।
एक बार फिर सहवाग को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया है। इसके बाद टीम इंडिया को अगली टेस्ट सीरीज साल के अंत में द. अफ्रीका के खिलाफ द. अफ्रीका में खेलनी है। इस दौरान सहवाग आईपीएल में फटाफट क्रिकेट खेलेंगे।
आईपीएल के रिकॉर्ड को देखें तो सहवाग का बल्ला इस दौरान खूब बोलता है। लेकिन टेस्ट मैचों में उनकी बल्लेबाजी फिर दबाव में आ जाती है। कहीं ऐसा न हो सहवाग का यह रवैया उन्हें समय से पहले टेस्ट टीम से बाहर का रास्ता दिखा दे।
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