आगे बात करते हुए एंडरसन ने कहा कि, 'बेहद आसान बात है, चौथे दिन हमें जीतने के लिए 5 विकेट लेने होंगे। इसके लिए हमें अपना सबकुछ झोकना पड़ेगा। अगर हम शुरुआती 15-20 ओवर्स में दबाव बनाने में कामयाब हो जाते हैं तो खेल हमारा होगा वरना विराट जिस फॉर्म में चल रहे हैं, हमारा जीतना मुश्किल साबित हो सकता है।'
विराट के बारे में एंडरसन ने आगे कहा, 'ये काफी रोमांचक दिन था। उस टक्कर (विराट के साथ) के दौरान शुरुआती 32 ओवरों में 15 ओवर खुद डालना काफी रोमांचक अहसास था। जाहिर है कि इतिहास में जो सफलताएं मैंने कोहली के खिलाफ हासिल की हैं, उसे देखते हुए जो रूट (कप्तान) मुझसे गेंदबाजी कराना चाहते थे। मुझे लगता है कि कैच छूटे और सही मौकों का हम फायदा नहीं उठा सके क्योंकि मैं शानदार लय में था और उसको (विराट) आउट करने के करीब था।
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इसके आगे एंडरसन ने कहा, 'शुरुआत में मुझे लगा कि वह (कोहली) मेरी गेंदों पर ऑफ स्टंप के बाहर शॉट खेलने का प्रयास करेगा, इसीलिए मैंने एक ही जैसी गेंदें रखीं। मुझे अहसास हुआ था कि वो बाहर की गेंद पर असहज महसूस कर रहा है इसलिए मैंने उसी लाइन को बरकरार रखा और उम्मीद की, कि शायद वह इसे खेलने के चक्कर में बाहरी किनारा दे दें।'
स्लिप में छूटते कैचों के बारे में एंडरसन ने कहा कि यही क्रिकेट का स्वभाव है और अगर ऐसे मौके गंवाए जाते हैं तो उसका परिणाम भी भुगतना होता है। जाहिर है कि विराट कोहली 21 और 52 के स्कोर पर दो बार बाल-बाल बचे थे और दोनों ही मौकों पर स्लिप में डाविड मलान ने कैच छोड़ा, उस समय अगर कोहली आउट हो जाते तो शायद इंग्लैंड मैच उसी समय मुट्ठी में कर लेती लेकिन बाद में कोहली ने अपनी शानदार बल्लेबाजी दिखाते हुए 149 रन की पारी खेलकर टीम को ट्रैक पर लाकर रख दिया।