आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद बीसीसीआई क्या पूर्व कप्तान मोहम्मद अहरुद्दीन को उनकी बकाया पेंशन देगी इस पर मंगलवार को होने वाली सीओए की बैठक में फैसला होगा। अनुमान है कि कुछ करोड़ रुपए बतौर पेंशन अजहर को मिलनी है। सट्टेबाजी के मामले में कोर्ट ने अजहर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इसके बाद पूर्व कप्तान ने बीसीसीआई से अपनी पेंशन के बारे में बातचीत की है।
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सीओए की बैठक में अजहर की पेंशन के मसले पर बातचीत होने की पुष्टि की है। अजहर ने आरोपों से बरी होने की जानकारी सीओए को दी है।
मैच फिक्सिंग के आरोप में बीसीसीआई ने अजहर पर प्रतिबंध लगाया था। इसके खिलाफ अजहर कोर्ट गए थे। कोर्ट के फैसले के बाद भी बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध नहीं हटाया है। हालांकि अजहर बीसीसीआई के समारोह में भाग ले रहे हैं। अजहर ने बीसीसीआई को बकायदा एक पत्र लिखकर अपनी बकाया पेंशन की मांग की है।
अजहर भारत की तरफ से सन 2000 में आखिरी बार खेले थे। इस तरह उन्हें पिछले 17 सालों की बकाया पेंशन मिलनी है। बीसीसीआई के ऐसे लचर रवैये का अजहर को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पूर्व कप्तान इसी साल हैदाराबाद क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव नहीं लड़ पाए थे।