दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया को अपने ही घर में संघर्ष करना पड़ रहा है। पहले 3 मैचों की टी-20 सीरीज में मेजबान टीम को पहली बार 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी जिस तरह से खेल दिखा रहे थे उससे यही लग रहा था कि टी-20 में टीम 3-0 से हार जाएगी, लेकिन बारिश के कारण तीसरा मैच नहीं खेला जा सका और क्लीन स्वीप से मेजबान टीम बच गई।
इसके बाद 5 मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में भी भारत को हार मिली। अपने घर में जीत के लिए तरस रही टीम इंडिया को एक टीम के रूप में इंदौर वनडे में उतरना था लेकिन शायद खिलाडियों में टीम भावना की खासी कमी हो गई है।
रोहित शर्मा एक मैच में शतक लगाते हैं तो दूसरे में फ्लॉप भी हो जाते हैं। शिखर धवन अच्छी शुरुआत के बाद अपना विकेट गंवाते रहे हैं। अजिंक्य रहाणे अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हैं तो वह कप्तान धोनी की पसंद ही नहीं हैं। बार-बार धोनी उन्हें टीम से निकालते रहे हैं। श्रीलंका में टेस्ट सीरीज में शतक लगाने वाले रहाणे को धोनी ने टी-20 सीरीज से बाहर बैठा रखा था जबकि वह तीनों प्रारूपों में अच्छी बैटिंग कर लेते हैं।
सबसे बड़ी समस्या विराट कोहली की है जिनकी टीम में जगह पक्की है लेकिन वह जिम्मेदारी के साथ नहीं खेल रहे हैं। खासतौर से वनडे और टी-20 मैचों में यानी जिस मैच में वह कप्तान नहीं हैं उसमें वह शायद जिम्मेदारी से नहीं खेलना चाहते हैं।
खुद गलती की कोहली ने और डांटते रहे रहाणे को
एक तरफ तो टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद खराब होता जा रहा है तो दूसरी ओर विराट कोहली शायद कुछ अलग ही विचार रख रहे हैं। वह क्रीज पर टिकने के बाद बार-बार अपना विकेट फेंककर चले जाते हैं।
इंदौर वनडे में भी यही हाल रहा। वह क्रीज पर जम चुके थे और अजिंक्य रहाणे के साथ पारी को आगे बढ़ाने में जुटे थे। वह बल्लेबाजी वाले इस मैदान पर जिस तरह से खेल रहे थे उससे ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी पारी खेलने जा रहे हैं। तीसरे विकेट के लिए वह रहाणे के साथ 22 रन जोड़ चुके थे। लेकिन 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर रहाणे ने बॉल को कवर की दिशा में हवा में खेल दिया जिसे फरहान बेहरदीन लपक नहीं सके लेकिन इस बीच दोनों बल्लेबाज ने एक रन पूरे कर लिए।
नॉन स्ट्राइकर एंड पर पहुंच चुके रहाणे ने गेंद को थ्रो होते देखते रहे और लगातार हाथ हिलाकर कोहली को दूसरे रन के लिए मना भी करते रहे लेकिन कोहली ने दौड़ना जारी रखा। रुकने का इशारा कर रहाणे अपनी क्रीज पर डटे रहे वहीं कोहली भी दौड़ते हुए नॉन स्ट्राइकर एंड पर आ गए। एक ही छोर पर दोनों बल्लेबाज आ गए थे। इस बीच क्षेत्ररक्षक ने गेंद को विकेटकीपर के पास थ्रो कर दिया और उसने बड़ी ही आसानी से विकेट उखाड़ दिया। कोहली रन आउट हो गए।
अपनी गलती और अजीबोगरीब ढंग से रन आउट होने के बाद कोहली रहाणे पर जमकर गुस्सा निकाला। रहाणे चुपचाप सुनते रहे। कोहली रहाणे को ऐसे डांट रहे थे कि मानो गलती रहाणे की है जबकि पूरी गलती खुद कोहली की दिखी। वह जिस अंदाज में आउट हुए उसे देखकर लग रहा था कि वह आगे खेलना ही नहीं चाहते। कोहली अफ्रीकी टीम के खिलाफ इस दौरे में दूसरी बार रन आउट हुए हैं।
इस साल धोनी की कप्तानी में लगातार फ्लॉप हो रहे हैं कोहली
पिछले साल दिसंबर में टेस्ट टीम के कप्तान बनने के बाद विराट कोहली टेस्ट में तो लगातार अच्छा खेल दिखा रहे हैं लेकिन वहीं सीमित ओवरों के खेल में वह रन नहीं बना रहे। उनके मिजाज को देखकर लगता है कि वह अब धोनी की कप्तानी में रन नहीं बनाना चाह रहे हैं।
वह संभवत: खुद अपनी कप्तानी में रन बनाना चाहते हैं। कोहली ने पिछले 12 पारियों में 27 की औसत से रन बनाए हैं जो उन जैसे बल्लेबाज के लिहाज से बेहद खराब है। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा 46 रनों का। जबकि इससे पहले वह 7 पारियों में कम से कम एक फिफ्टी जरूर लगा लेते थे। लेकिन इस साल या यूं कहे कि जबसे टेस्ट कप्तान बने हैं वह बिना कप्तानी के रन ही नहीं बनाना चाहते।
पिछले कई मैचों में उनके आउट होने के अंदाज को देखा जाए तो वह कई मौकों पर अपना विकेट गिफ्ट करते दिखे हैं। अफ्रीकी टीम के खिलाफ टी-20 सीरीज में भी कोहली (43 और 1 रन) नाकाम रहे थे। कानपुर में 11 रन बनाकर आउट हो गए थे। अब वह इंदौर वनडे में उस समय आउट हुए जब टीम को उनकी जरूरत थी लेकिन वह अजीबोगरीब अंदाज में रन आउट हो गए।
इतने घटिया अंदाज में रन आउट होने के पीछे क्या कारण है ये तो वही बता सकते हैं। लेकिन टीम में जो कुछ भी हो रहा है या दिख रहा है वो अच्छा नहीं है क्योंकि इतिहास में हार-जीत ही दर्ज किए जाते हैं झगड़े या बेवकूफियां नहीं।