बंद स्टेडियम में मैच कराना किसी भी बोर्ड के लिए मुश्किल है
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आईपीएल 2023 के फाइनल मैच के दौरान बारिश बड़ी बाधा बनी थी। इस टूर्नामेंट का चैंपियन 28 मई को आना था, लेकिन बारिश की वजह से आईपीएल 2023 के चैंपियन का फैसला 30 मई को हुआ। फाइनल मैच 40 ओवर का होना था, लेकिन बारिश की वजह से 35 ओवर का मैच ही हो सका। ऐसे में फैंस के मन में सवाल आए कि क्या छत वाले स्टेडियम में क्रिकेट नहीं खेला जा सकता, यहां हम इसका जवाब जानने की कोशिश करेंगे।
छत वाले स्टेडियम में क्रिकेट मैच खेले जा सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसा स्टेडियम भी है और इसमें मैच भी होते हैं, लेकिन कभी भी बड़े मैच बंद स्टेडियम में नहीं खेले जाते। इसके पीछे कई कारण हैं।
बंद स्टेडियम की पिच सपाट
क्रिकेट के खेल में पिच का रोल काफी अहम रहता है। किसी मैच में बल्लेबाजों का दबदबा रहेगा या गेंदबाज हावी होंगे। रनों की बरसात होगी या कम स्कोर का मैच होगा। ये सारी बातें पिच के मिजाज पर निर्भर करती हैं। पिच का मिजाज मौसम के हिसाब से बदलता है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पिच तेज गेंदबाजों को मदद करती है, जबकि एशियाई देशों में स्पिन गेंदबाज ज्यादा हावी रहते हैं। इसकी वजह इन जगहों का अलग-अलग मौसम ही है। बंद स्टेडियम में मैच होने से पिच पूरी तरह से सपाट हो जाएगी। इससे स्पिन या तेज गेंदबाजों को कोई मदद नहीं मिलेगी और बल्लेबाज आसानी से खेल पाएंगे।
बड़े शॉट लगे तो होगी परेशानी
टी20 मैच के दौरान लंबे-लंबे छक्के लगना सामान्य बात है। कई बल्लेबाज स्टेडियम के बाहर भी छक्के लगाते हैं। ऐसे शॉट बंद स्टेडियम में खेले गए तो गेंद छत से टकरा जाएगी। अगर किसी बल्लेबाज के शॉट से गेंद लंबाई नहीं हासिल करती और सिर्फ ऊपर जाती है तो वह गेंद भी छत से टकरा सकती है। ऐसे में गेंद को डेड बॉल करार दिया जाएगा। क्योंकि जब भी किसी बल्लेबाज के शॉट लगाने पर गेंद स्पाइडर कैमरे से टकराती है तो उसे डेड बॉल करार दिया जाता है।
पैसे की कमी
छत वाला स्टेडियम बनाने में जो खर्च आता है। वह सामान्य स्टेडियम की तुलना में दोगुना है। क्रिकेट में बीसीसीआई के पास काफी पैसा है, लेकिन बाकी बोर्ड इतने अमीर नहीं हैं। इसी वजह से छत वाले स्टेडियम ज्यादा नहीं बनाए जा रहे हैं, क्योंकि इनकी उपयोगिता कम है और खर्च ज्यादा है। आईपीएल का फाइनल मुकाबला जिस मैदान में खेला गया था। वहां, एक लाख से ज्यादा दर्शक मैच देख सकते हैं। अगर इसी स्टेडियम की छत को बंद कर दिया जाए तो लोगों को खुलापन नहीं महसूस होगा और बंद कमरे में मैच देखने या शोर मचाने का मजा भी खत्म हो जाएगा। साथ ही एक लाख से ज्यादा लोगों को बंद कमरे में नहीं रखा जा सकता। अगर किसी स्टेडियम में छत लगानी है तो उसमें दर्शकों की क्षमता भी कम करनी होगी।