सौरभ का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रिकॉर्ड
30 साल के बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार पहले भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन अब तक अंतरराष्ट्रीय डेब्यू नहीं कर सके हैं। वह 68 फर्स्ट क्लास मैचों में 290 विकेट ले चुके हैं। 64 रन देकर आठ विकेट उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी रही है। इसके अलावा वह 27.11 की औसत से 2061 रन भी बना चुके हैं। 133 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा है। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दो शतक और 12 अर्धशतक लगा चुके हैं।
सौरभ के संघर्ष की कहानी
सौरभ कुमार (बीच में)
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यूपी के इस स्पिनर की पहली बार चर्चा फरवरी 2021 में हुई थी। तब उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए नेट गेंदबाज के रूप में चुना गया था। उसके ठीक एक साल बाद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम में चुना गया था। यूपी के बागपत के रहने वाले सौरभ इस मिले मौका को पूरी तरह भुनाना चाहेंगे। हालांकि, उनके लिए यहां तक का सफर आसान नहीं रहा है। उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा है। हम यहां आपको सौरभ कुमार की कहानी बता रहे हैं...
सौरभ जब 10 वर्ष के थे तब उन्होंने दिल्ली में अपने क्रिकेट के सपनों को पूरा करने के लिए बागपत के बड़ौत स्थित अपने घर को छोड़ दिया था। उन्हें ट्रेनिंग के लिए 60 किलोमीटर की दूरी ट्रेन से तय करने पड़ती थी। शुरू में उनके पिता रमेश चंद उन्हें छोड़ देते थे। बाद में सौरभ खुद ही आने-जाने लगे। सौरभ के पिता ऑल इंडिया रेडियो के आकाशवाणी भवन में एक जूनियर इंजीनियर थे।
सौरभ को ओएनजीसी में मिली थी छात्रवृत्ति
सौरभ कुमार
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सौरभ को सप्ताह में तीन से चार दिन अभ्यास के लिए बड़ौत से दिल्ली की यात्रा करने में परेशानी होती थी। जब टूर्नामेंट होते थे तो यात्रा उसी के अनुसार बढ़ जाती थी। धीरे-धीरे सौरभ ने यूपी की एज-ग्रुप टीमों में जगह बनाना शुरू किया। अंडर-13 और अंडर-15 टीमों के माध्यम से अपना रास्ता बनाते हुए उन्होंने 15 साल की उम्र में ओएनजीसी में एक क्रिकेट छात्रवृत्ति भी हासिल कर ली। उन्हें बिशन सिंह बेदी से सीखने का मौका मिला।
वायु सेना ने सौरभ को सर्विसेज की टीम का रास्ता दिखाया
अंडर-16 और अंडर-17 के बाद सौरभ अंडर-19 टीम में भी शामिल हो गए, लेकिन सीनियर टीम का रास्ता कठिन था। उस समय यूपी की टीम में पीयूष चावला, अली मुर्तजा, प्रवीण गुप्ता और अविनाश यादव जैसे स्पिनर थे। कुलदीप यादव और सौरभ कश्यप भी लाइन में थे। इसी बीच, भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया। यूपी के लिए खेलने की तत्काल कोई संभावना नहीं होने के कारण 20 वर्षीय सौरभ ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। उन्हें एयरमैन की नौकरी भी मिल गई।
इस तरह यूपी की टीम में हुए थे शामिल
सौरभ कुमार
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सर्विसेज की टीम में शामिल होने के बाद सौरभ की नजर भारतीय टेस्ट टीम पर थी। उन्होंने 2014-15 में डेब्यू सीजन में सात मैचों में 36 विकेट हासिल किए। इसी बीच, यूपी में स्पिनरों की कमी हो गई। मुर्तजा और चावला का प्रदर्शन निराशाजनक था। वहीं, कुलदीप टीम इंडिया में शामिल हो गए थे। राज्य के चयनकर्ताओं ने सौरभ से बात की। उनके परिवार के लिए यह फैसला आसान नहीं था। सर्विसेज की टीम में उनके पास स्थायी नौकरी भी थी। सीनियर टीम में खेलने का भी मौका मिला था।
यूपी के लिए पहले मैच में 10 विकेट झटके
राज्य के चयनकर्ताओं के साथ बातचीत से शुरू हुई यूपी लौटने की संभावना सौरभ या उनके परिवार के लिए आसान फैसला नहीं था। सर्विसेज में, उन्हें एक स्थिर सरकारी नौकरी की सुरक्षा के साथ-साथ सीनियर टीम के लिए नियमित रूप से खेलने का अवसर भी मिला। यूपी के चयनकर्ताओं ने उन्हें अंडर-23 में शामिल किया गया। उन्होंने टीम के लिए 21 विकेट लिए। इसके बाद उन्हें सीनियर टीम में शामिल कर लिया गया। उन्होंने अपने घरेलू टीम के लिए पहले प्रथम श्रेणी मैच में गुजरात के खिलाफ 10 विकेट लिए।
लॉकडाउन में हो गए थे परेशान
सौरभ कुमार
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लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें ईरानी ट्रॉफी के लिए सौराष्ट्र के खिलाफ शेष भारत की टीम में चुना गया था, लेकिन कोरोनावायरस के कारण यह मैच नहीं हुआ था। सौरभ ने उस समय को अपने जीवन का सबसे कठिन समय बताया। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, "मैं असाधारण रूप से अच्छी गेंदबाजी कर रहा था और मुझे लगता है कि मैं राष्ट्रीय टीम के लिए चयन से दूर नहीं था। शेष भारत में मेरे चयन ने भी यही साबित किया, लेकिन कोविड के कारण सबकुछ रुक गया। मैं अक्सर घर पर बैठकर सोचता था कि चीजें कब फिर से शुरू होंगी। लॉकडाउन के दौरान मेरे मन में काफी नकारात्मक विचार आ रहे थे।''
सौरभ ने कहा, "मेरे लिए सबसे अच्छी बात यह थी कि चयनकर्ताओं ने क्रिकेट फिर से शुरू होने पर मेरे प्रदर्शन को याद किया। मुझे 2021 में इंग्लैंड के दौरे पर एक नेट गेंदबाज के रूप में टीम में शामिल होने के लिए कहा गया था। तभी मुझे विश्वास हुआ कि अगर आप बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं तो सही अवसर जरूर आता है।'' सौरभ को दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारत-ए की टीम में चुना गया था। उसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नेट बॉलर के रूप में रखा गया और फिर श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में मुख्य टीम में शामिल किया गया। इसके बाद पिछले साल दिसंबर में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। अब इंग्लैंड के खिलाफ सौरभ शानदार प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे।
भारतीय टीम
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इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए भारत की अपडेटेड टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, यशस्वी जयसवाल, श्रेयस अय्यर, केएस भरत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार, जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), आवेश खान, रजत पाटीदार, सरफराज खान, वॉशिंगटन सुंदर, सौरभ कुमार।