मास्टर ब्लास्टर जैसा क्रिकेट दिग्गज पूरी दुनिया में नहीं। इस मुकाम में पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ा संघर्ष किया। मंगलवार को मुंबई में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए सचिन ने बचपन का एक वाक्या सुनाया, जब उनके पास टैक्सी बुक करने तक के पैसे नहीं थे।
सचिन उस वक्त महज 12 वर्ष के थे। क्रिकेट के प्रति जुनून उनके दिल में बचपन से था। उस वक्त वह मुंबई अंडर-15 टीम का हिस्सा थे। उन्होंने बताया कि वह पुणे तीन मैचों में हिस्सा लेने पहुंचे। लेकिन बारिश के चलते मैच में काफी उतार-चढ़ाव रहा।
सचिन ने बताया कि जब वह बल्लेबाजी करने उतरे तो 4 रन के निजी स्कोर पर रनआउट हो गए। वह बेहद निराश थे और ड्रेसिंगरुम पहुंचकर रोए भी। किसी तरह खुद को संभाला लेकिन लगातार बारिश के चलते उसके बाद उन्हें बल्लेबाजी करने का दूसरा मौका नहीं मिल सका।