सकलैन मुश्ताक और सचिन
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सकलैन ने सोचा कि तेंदुलकर पर फब्ती कसना सही होगा, जिससे उनका ध्यान भंग हो जाए। पूर्व योजना के अनुसार सकलैन ने ऐसा किया, लेकिन उसके बाद उन्हें ऐसा सबक मिला कि फिर उन्होंने कभी तत्कालीन भारतीय कप्तान पर छींटाकशी नहीं की। सकलैन ने तेंदुलकर के 47वें जन्मदिन पर फोन पर कहा, ‘मैं तब टीम में नया था जब मैंने पहली बार उन पर फब्ती कसी। यह 1997 की बात है।