ऐसा नहीं कि क्रिकेट में इससे पहले कोई बड़ा खिलाड़ी रिटायर नहीं हुआ। बैट और बॉल के इस मुकाबले ने भगवान सरीखे कई खिलाड़ियों की विदाई नम आखों में बसी शुक्रिया अदायगी के साथ हो चुकी है। लेकिन भगवान सरीखे और 'क्रिकेट के भगवान' में काफी फर्क दिखा।
जिस शख्स को दुनिया ने 'गॉड ऑफ क्रिकेट' का तमगा देकर अपनी पलकों पर बैठाया, वो जब अपने आखिरी मैच में बल्लेबाजी के लिए उतरा, तो सीढ़ी पर पड़ने वाले उसके हर कदम के साथ करोड़ों दिलों की धड़कन भी सुनाई दे रही थी।
मेहमान टीम के सस्ते में आउट होने के बाद जब शिखर धवन और मुरली विजय ने जोरदार शुरुआत की, तो मैदान खाली होने लगा था, क्योंकि आज दुनिया इस जोड़ी की साझेदारी खिंचने की नहीं, बल्कि टूटने की दुआ मांग रही थी।
मुरली के आउट होते ही उछले सभी
शाम करीब पौने चार बजे फिरकी गेंदबाज शिलिंगफोर्ड ने जब एक ही ओवर में धवन और मुरली विजय का विकेट चटकाया, तो विंडीज टीम के साथ भारतीय प्रशंसक उछले और दुनिया का हर वो शख्स उछला, जो क्रिकेट को सचिन की वजह से जानता है।
24 साल से क्रिकेट के किले में सिकंदर की तरह राज करने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर के लिए गुरुवार को पवेलियन से पिच तक का सफर काफी लंबा रहा होगा। और दर्शकों के लिए भी कुछ ऐसा ही था।
चिर-परिचित अंदाज में जब सचिन पिच की तरफ बढ़े, तो स्टेडियम में जितने भी स्मार्टफोन और कैमरे मौजूद थे, सभी काम पर लग गए। हर कोई इस नायाब पल को कैद करना चाहता था, क्योंकि 'भगवान' रोज-रोज रिटायर नहीं होता।
कुछ लोग चिल्ला रहे थे, कुछ खुशी से पागल हुए जा रहे थे, कुछ आंखों में आंसू थे और कुछ दम साधे देख रहे थे कि जिसकी वजह से उन्होंने क्रिकेट देखना शुरू किया, वो अब आगे नहीं दिखेगा।
सम्मान में झुक गई विंडीज टीम
सचिन की विदाई के लिए खास तौर से बुलाई गई वेस्टइंडीज की टीम ने भी सचिन के सम्मान में झुकने से कोई परहेज नहीं दिखाया।
वह जब मैदान के बीचोंबीच पहुंचे, तो विंडीज खिलाड़ियों ने दो हिस्सों में बंटकर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके तहत विरोधी टीम लाइन लगाकर खड़ी हो जाती है।
इस दौरान क्रीम पर खड़े चेतेश्वर पुजारा खुद एक भक्त की तरह सचिन का इंतजार कर रहे थे। मास्टर ब्लास्टर ने जब क्रीज संभाली, तो घर-दफ्तरों में कामकाज रुक गया और निगाहें टीवी से चिपक गईं।
सचिन ने सबसे पहले पिच पर हाथ लगा और फिर उसे माथे से लगाया। पिछले 24 साल से 'क्रिकेट के भगवान' के लिए असल भगवान यही 22 गज की पट्टी रही।
जब विरोधियों ने भी सचिन की भक्ति
सचिन सितारों के भी भगवान ही हैं। उनकी बल्लेबाजी का मौका कम दिख रहा था, इसलिए आमिर खान लौट गए थे, लेकिन जैसे ही पता चला कि उनकी बैटिंग आने वाली है, वह तुरंत स्टेडियम लौट आए।
स्टेडियम में दर्शक 'सचिन-सचिन' चिल्ला रहे थे, जाइंट स्क्रीन पर शुक्रिया सचिन लिखा था और सोशल नेटवर्किंग साइट पर वे खिलाड़ी उनकी तारीफ में जुटे थे, जो मैदान में उनके विरोधी बनते रहे हैं।
यह सचिन का जादू है, जो सभी के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। अंग्रेज बल्लेबाज जोनाथन बेयरस्टो ने तुरंत ट्वीट किया, "क्रिकेट का जीनियस आखिरी बार मैदान पर आ गया है।"
लिटिल मास्टर ने जब अपनी पारी की शुरुआत की, तो सांसें थमी थीं और धड़कनें बढ़ गई थीं। सचिन के पहली गेंद खेलने पर पर 'ओह....' की आवाज उठी। लेकिन उसके बाद सचिन ने सधे हाथ से खेलना शुरू किया।
कभी किसी खिलाड़ी के चले जाने से क्रिकेट नहीं रुक सकता, यह हकीकत है। लेकिन सचिन के बिना क्रिकेट, अब पुराने क्रिकेट जैसा नहीं रहेगा। और सचिन होने का मतलब क्या है, यह एक प्रशंसक के बैनर ने बताया, जिस पर लिखा था, 'आज के बाद केवल इंसान क्रिकेट खेलेंगे!'